मंडी धनौरा। समिति पर बृहस्पतिवार दोपहर एनपीके खाद आने की जानकारी मिलते ही किसानों की भीड़ लग गई। एनपीके की कमी के मद्देनजर किसानोें को अभी एक-एक बोरा ही दिया जा रहा है।
इस समय गेहूं की बोआई चल रही है। किसान डीएपी के बजाय एनपीके को वरीयता देते हैं। किसानों का कहना है कि क्षेत्र की मिट्टी में पोटाश की कमी है। इसलिए यहां के किसान गेेहूं की फसल की बोआई के समय एनपीके डालते हैं। बृहस्पतिवार को धनौरा पश्चिमी किसान सेवा सहकारी समिति व वासीपुर किसान समिति पर एनपीके खाद आ गया। इसकी जानकारी होते ही समिति पर किसानों की भीड़ जुट गई। वासीपुर किसान सेवा समिति के प्रबंध निदेशक चेतेंद्र पाल सिंह ने बताया कि उनकी समिति को एनपीके के 500 बोरे मिले। किसानों की मांग को देखते हुए अभी जरूरत के हिसाब से खाद दिया जा रहा है। एनपीके खाद और अधिक मात्रा में समितियों को मिलने वाला है। हालांकि, समितियों पर डीएपी खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।