भाकियू असली के बैनर तले किसानों ने एक तरफ राहगीरों को टमाटर बांटे तो वहीं कृषि मंत्री का पुतला जलाते हुए सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। वहीं हाइवे पर टमाटर फेंकते हुए किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग उठाई। रविवार को भाकियू असली की ओर से अतरासी चौराहे पर बैठक हुई। जिलाध्यक्ष महावीर सिंह ने कहा कि टमाटर का निर्यात नहीं होने से किसानों के सामने परेशानी खड़ी हो गई। टमाटर की फसल बर्बाद हो गई और किसानों को औने पौने दामों में टमाटर बेचना पड़ा। किसानों की लागत भी नहीं निकल पाई। उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाए। साथ ही किसानों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करने की बात कही। बैठक के बाद किसान हाईवे पर पहुंच गए।
हाइवे पर ट्रैफिक को रोकते हुए किसानों ने राहगीरों को टमाटर बांटे। टमाटर बांटकर इन्होंने किसानों की बदहाली को बयां किया। वहीं गांधीगिरी दिखाते हुए टमाटर राहगीरों को बांट दिए। इसके अलावा बचे हुए टमाटरों को हाइवे पर फेंक दिया। करीब दस मिनट तक किसानों ने हाइवे को भी जाम रखा। बाद में जाम खोल दिया गया। किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कृषि मंत्री का पुतला आग के हवाले कर दिया। किसानों ने कहा कि सरकार किसानों की अनदेखी कर रही है। चीनी के बाद टमाटर के दाम गिरने से किसानों की कमर टूट गई है। आंदोलन को दस पूरे हो जाने पर जिलाध्यक्ष महावीर सिंह ने कहा है कि 8500 हजार करोड़ रुपये का पैकेज आंदोलन की ही देन है। कहा कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू कराने के लिए सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। इस अवसर पर चेतन सिंह, समरपाल सिंह, जयदेव सिंह, राजेन्द्र, रणवीर, हरपाल सिंह, गुरुवचन, राजवीर, सुरापान, ओमवीर सिंह, विपिन, अमरजीत, विरेश प्रधान मौजूद रहे। बैठक की अध्यक्षता विरेन्द्र सिंह और संचालक डा. सुरेशचंद ने किया।