बृहस्पतिवार को भाकियू संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने तहसील का घेराव किया। कार्यकर्ता एसडीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश चौधरी ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है। तहसील भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसानों का शोषण बर्दाश्त नहीं होगा। यदि संबंधित विभाग के अधिकारी दो बजे तक किसानों के बीच नहीं आए तो रोड जाम कर दी जाएगी। दो बजे तक बिजली विभाग को छोड़कर किसी भी विभाग के अधिकारियों के नहीं आने पर गुस्साएं किसानों ने तहसील के बाहर जाम लगा दिया।
किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यकर्ता एसडीएम व अन्य अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे। जाम की सूचना पर तहसीलदार पीएन श्रीवास्तव मौके पर पहुचे। कार्यकर्ताओं ने उन्हें 12 सूत्री मांग पत्र सौंपा। ज्ञापन में तहसील में किसानों का शोषण बंद करने, उनकी भूमि पर अवैध कब्जे रोकने, छुट्टा पशुओं को पकड़ने व उनके द्वारा नष्ट की जा रही फसल का मुआवजा दिलाने, चकबंदी विभाग में चक काटने पर हो रही लूट को बंद करने, किसानों के घर व नलकूप पर स्मार्ट मीटर लगाने का काम बंद करने, गजरौला में बुध बाजार को व्यवस्थित तरीके से लगवाने की मांग की गई है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सात दिन में अमल नहीं किया गया तो 12 सितंबर को सरकारी कार्यालयों की तालाबंदी की जाएगी। इस मौके पर विजयवीर सिंह, रवि चौधरी, देवेंद्र सिंह, चंद्रपाल सिंह, मयंक धारीवाल, विनीत चौधरी, अली, लाखन सैनी, कामिल चौधरी आदि मौजूद थे।
दो घंटे तक जाम से परेशान रहे यात्री
मंडी धनौरा। अधिकारियों की लापरवाही की वजह से भाकियू संयुक्त मोर्चा कार्यकर्ताओं के दो घंटे तक जाम लगाने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, स्कूली वाहनों व एंबुलेंस को जाम से मुक्त रखा गया था। पुलिस ने भाकियू कार्यकर्ताओं के जाम लगाने पर वाहनों को डायवर्ट कर दिया था। छोटे वाहन तो वैकल्पिक मार्गों से निकल गए, लेकिन बस व ट्रक जाम में फंस गए। उमस भरी गर्मी में यात्री बेहद परेशान रहे।