मंडी धनौरा। गंगा एक्सप्रेसवे के लिए अधिगृहीत होने वाली भूमि के मुआवजे को लेकर सर्किल रेट पूरे जनपद में समान किए जाने की मांग पर किसानों ने तहसील में जमकर हंगामा किया। अधिवक्ताओं के समर्थन में उतरने से स्थिति और पेचीदा हो गई। हंगामे के चलते किसानों की आपत्तियां सुनने पहुंचे डीएम समेत अन्य अधिकारी भी हैरान रह गए।
बाद में डीएम ने मुख्यमंत्री से वार्ता का आश्वासन देकर किसानों को शांत कराया। प्रशासन ने एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहीत भूमि के मुआवजे के लिए सर्किल रेट घोषित किए हैं। रेट बढ़ाने और गाटा संख्या को आबादी में शामिल करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर 255 आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। सोमवार को डीएम की मौजूदगी में तहसील में आपत्तियों के निस्तारण के लिए कैंप लगाया गया। किसानों ने अपनी भूमि के सर्किल रेट बढ़ाने और गाटा संख्या आबादी में शामिल करने के साक्ष्य प्रस्तुत किए। दोपहर बाद किसान पूरे जनपद में समान सर्किल रेट की मांग को लेकर हंगामा करने लगे। अधिकारियों को आपत्तियों का निस्तारण रोकना पड़ा।
किसानों ने नारेबाजी शुरू कर दी। तहसील के अधिवक्ता भी उनके समर्थन में उतर आए। एडीएम और एएसपी ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे डीएम से वार्ता पर अड़े रहे। करीब आधे घंटे बाद डीएम पहुंचे और मुख्यमंत्री से वार्ता का आश्वासन दिया, जिसके बाद किसान शांत हुए। इस मौके पर डूंगर सिंह, गुरमीत सिंह, सुभाष सिंह, राजवीर सिंह और पुष्पेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद