रजबपुर(अमरोहा)। भारतीय किसान यूनियन असली के कार्यकर्ता बृहस्पतिवार को चौकी के पास दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर उतर आए। उन्होंने जहां विभिन्न मांगों को उठाया, वहीं मऊमय चक में हुए विवाद के मामले में पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए जाम लगा दिया। करीब 15 मिनट तक किसानों ने हाईवे पर कब्जा जमाए रखा। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचते हुए किसानों का मनाया।
दोपहर के समय रजबपुर में भाकियू असली की पंचायत हुई। जिसमें बिजली, मध्य गंगा नहर, पशु पालन विभाग से जुड़ी समस्याओं काे उठाया गया। पंचायत में इन विभागों के अधिकारियों ने किसानों से वार्ता कर समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन दिलाया। उसके बाद कार्यकर्ताओं ने एक जून को गांव मऊमय चक में हुए मारपीट की घटना को लेकर गुस्सा जताया। जिलाध्यक्ष महावीर सिंह ने आरोप लगाया कि रजबपुर थाना पुलिस ने घटना के आरोपियों से हमसाज है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसके विरोध में दोपहर तीन बजे कार्यकर्ता चौकी के सामने हाईवे पर पहुंच गए। किसान हाईवे पर ही बैठ गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया।
किसानों के प्रदर्शन के चलते हाईवे के दोनाें ओर वाहनों के पहिए थम गए। किसानों ने करीब 15 मिनट तक हाईवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। जाम की सूचना पर रजबपुर थाना प्रभारी सुनील कुमार वहां पहुंचे और किसानों से वार्ता की। जिस पर किसान वहां से हटे। बाद में पुलिस ने यातायात सुचारु कराया।
प्रदर्शन करने वालों में चौधरी राहुल चहल, समरपाल सिंह, मदन सिंह, रणवीर सिंह, सुखवीर सिंह, राजपाल सिंह, धर्मवीर सिंह, चेतन सिंह, गजेंद्र सिंह, मेवा राम सिंह, राज कुमार, अबरार अली, यशवीर सिंह व फैसल आदि मौजूद रहे।