अमरोहा। केंद्र सरकार का मंगलवार को पेश होने वाले बजट से आम आदमी, किसान व व्यापारी राहत की उम्मीदें लगा रहे हैं। किसान कर्जमाफी के साथ कृषि यंत्रों पर रियायत को लेकर आशान्वित हैं, तो महिलाएं रसाेई का बजट संभलने की उम्मीद लगाए बैठी हैं।
केंद्र में लगातार तीसरी बार सत्ता संभालने वाली मोदी सरकार आज बजट पेश करेगी। किस वर्ग को कितनी राहत मिलती है, यह तो आज बजट जारी होने के बाद ही पता लगेगा, लेकिन मध्यम वर्गीय लोग व व्यापारी सरकार के इस बजट से खासी उम्मीदें लगाए बैठे हैं।
शहर के उद्योगपति अजय टंडन का कहना है कि बजट में इनकम टैक्स में राहत देनी चाहिए। रेलवे देश की लाइफ लाइन है। इसके लिए बजट में बड़ा प्रावधान होना चाहिए। रेलवे को बजट में इग्नोर नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही किसानों को भी बजट में ध्यान रखा जाना जरूरी है। उनको फसलों व दूध के उचित दाम मिलें, जिससे देश का किसान भी तरक्की कर सके।
शिक्षिका प्रीति सिंह का कहना है कि वित्त मंत्री इस बार बजट में कर्मचारियों के हित में पुरानी पेंशन योजना को बहाल करें। साथ ही महंगाई को देखते हुए आयकर छूट की सीमा 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख की जाये। जिससे कर्मचारियों को राहत मिल सकेगी। उन्होंने रसोई के बजट में राहत की उम्मीद जताई है।
भाकियू शंकर के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह का कहना है कि देश का अन्नदाता कर्ज मुक्त होना चाहिए। किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट 3 लाख से 10 लाख होते हुए समय पर रिन्युअल करने पर ब्याज को सरकार वहन करें। बैंक और राजस्व के डिजिटल होने के बाद किसानों के फार्म मशीनरी व किसान क्रेडिट कार्ड पर जीएसटी समाप्त होनी चाहिए।
भाकियू चौहान गुट के जिलाध्यक्ष चौधरी वीरेंद्र सिंह का कहना है कि बजट से किसानों की मुख्य मांग स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के आधार आगामी फसलों का एमएसपी तय होना चाहिए। किसान क्रेडिट कार्ड सीमा तीन लाख से बढ़कर दस लाख होनी चाहिए और यह ब्याज रहित होना चाहिए।
व्यापार मंडल अमरोहा के युवा जिलाध्यक्ष सालिम अनवर का कहना है, कि रोजमर्रा वाली चीजों को सस्ता किया जाना चाहिए। महंगाई पर रोक लगे। बजट में व्यापारियों का भी हित हो, ऐसा बजट पेश किया जाना चाहिए।