मोहल्ला मोती तकिया शाह निवासी युनूस ने शुक्रवार की रात प्रसव पीड़ा होने पर पत्नी इरम को नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया था। इस दौरान इरम ने लड़के को जन्म दिया। नवजात बच्चे को कमजोर व बीमार बताते हुए डॉक्टर ने उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। शनिवार सुबह को युनूस ने नवजात को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था, लेकिन रविवार सुबह नवजात की मौत हो गई। बच्चे मौत पर परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया। युनूस का आरोप है कि रात के समय बच्चे के रोने पर उसने दूध पिलाने के लिए मांगा, तो स्वास्थ्य कर्मियों ने मना कर दिया गया। सुबह होने पर बच्चे की मौत की सूचना मिल गई।
युनूस ने अस्पताल कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। अस्पताल में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। पुलिस के समझाने के बाद परिजन बिना किसी कार्रवाई के नवजात के शव को अपने साथ ले गए। बाद में गमगीन माहौल में उसका दफीना कर दिया। युनूस के अनुसार यह उसका पहला बच्चा था। वहीं सीएमएस डॉ. प्रेमापंत त्रिपाठी का कहना है कि लापरवाही के आरोप निराधार हैं। बच्चा कमजोर पैदा हुआ था। जिसको समुचित उपचार दिया गया था।