पिछले चार दिनाें में तीन डेंगू से पीड़ित मरीज जिला अस्पताल पहुंच चुके हैं। जिला अस्पताल में हुई रैपिड जांच में तीनों के डेंगू संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद उनके खून का सैंपल एलाइजा जांच के लिए भेज दिया गया है। शनिवार को एक ननद-भाभी जिला अस्पताल पहुंची थीं। निजी लैब में हुई जांच के बाद दोनों को डेंगू संक्रमित बताया गया था, लेकिन यहां दोनों की रेपिड टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आई है। हालांकि, उन्हें इलाज के लिए भर्ती कराया गया था।
उधर, बुखार का प्रकोप भी लगातार बढ़ रहा है। देखा जा रहा है कि सामान्य बुखार में भी प्लेटलेट्स की कमी लोगों को डरा रही है। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि बुखार के दौरान प्लेटलेट्स कम होना सामान्य बात है। सीएमएस डाॅ. प्रेमापंत त्रिपाठी ने बताया कि जो डेंगू संक्रमित हैं, उनका इलाज चल रहा है। डेंगू को लेकर पूरी तैयारी कर ली गई है। बुखार बढ़ रहा है, इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है। बुखार होने पर तत्काल योग्य चिकित्सक से इलाज कराएं। प्लेटलेट्स कम होने पर घबराएं नहीं।
बढ़ रहे मरीज, नहीं बना डेंगू वार्ड
देखा जा रहा है कि डेंगू धीरे-धीरे पैर पसार रहा है। जिले में भी पिछले चार दिनों में तीन लोग पाॅजिटिव पाए गए हैं। लेकिन, अभी डेंगू मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अतिरिक्त व्यवस्था नहीं की है। डेंगू मरीजों के लिए डेंगू वार्ड नहीं बनाया गया है। डेंगू पीड़ितों का इलाज जनरल वार्ड में ही चल रहा है।
यह लक्षण दिखें तो तुरंत कराएं जांच
- ठंड लगने के साथ अचानक तेज बुखार आना
- मांसपेशियों, सिर एवं जोड़ों में दर्द होना
- आंखों में दर्द महसूस होना
- अत्यधिक कमजोरी होना
- भूख में कमी आना और जी मिचलाना
- मुंह का स्वाद खराब होना
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बचाव के उपाय
- घर एवं आस पास पानी इकट्ठा न होने दें।
- कूलर, गमले, टूटे फूटे बर्तन व पुराने टायरों आदि में पानी न जमा होने दें।
- पानी की टंकी व बर्तन को सही तरह से ढक कर रखें।
- खिड़की दरवाजों पर बारीक जाली लगवाएं।
- मच्छर से बचाव को शरीर को ज्यादा ढकने वाले कपड़े पहनें।
- फ्रिज के नीचे रखी हुई पानी इकट्ठा करने वाली ट्रे को खाली करते रहें।
- ताजा बने भोजन का सेवन करें, बासी भोजन खाने से परहेज करें।