अमरोहा। चार दिन पहले अस्पताल में भाजपा नेता के मामा की मौत में लापरवाही बरतने के मामले में चिकित्सा अधीक्षक ने इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर समेत सात स्वास्थ्य कर्मियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर इनके ख्रिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
रजबपुर थानाक्षेत्र के गांव पपसरा में चंद्रपाल सिंह हार्टअटैक के मरीज थे। उनके भांजे दक्ष प्रजापति भाजपा आईटी सेल में जिला संयोजक हैं। चंद्रपाल सिंह को सांस लेने में दिक्कत होने पर 8 मई जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए थे। लेकिन उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। जिसके बाद भाजपा नेता और उनके परिजनों ने जमकर हंगामा किया। अस्पताल के डॉक्टर और स्टॉप पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। डीएम बीके त्रिपाठी और सीएमओ डॉ राजीव सिंघल से डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। साथ ही मुख्यमंत्री को ट्वीट कर घटना से अवगत कराया। करीब दो घंटे तक भाजपा नेता और उनके परिजन लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे थे। इस मामले में मृतक चंद्रपाल सिंह के परिजनों ने थाने में तहरीर देकर डॉक्टर स्टाफ के खिलाफ लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। मंगलवार को डीएम बीके त्रिपाठी को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। इस बीच लापरवाही बरतने के मामले में जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चरन सिंह ने इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर शुभम, वार्ड ब्वाय धीरज, अंकित, रामकुमार, प्रमोद और दो स्टाफ नर्स सुरभि एवं सोनिया से स्पष्टीकरण तलब किया है।
डॉ. चरन सिंह ने बताया कि डॉक्टर शुभम अभी नए हैं। उन्हें मरीज को हैंडल करना नहीं आता। यही वजह रही कि चंद्रपाल सिंह हार्ट के पेशेंट थे लेकिन डॉ शुभम ने उन्हें सर्जन के अंडर में इलाज के लिए जनरल वार्ड में भर्ती कर लिया। जबकि मरीज को इमरजेंसी में भर्ती रखना चाहिए था। ये भी सामने आया कि मरीज के परिजन स्वयं ही स्ट्रेचर को जनरल वार्ड तक लेकर गए थे। जनरल वार्ड में मौजूद स्टाफ नर्स कानों में लीड लगाकर बैठी रहीं और मरीज को बिना चादर वाले बेड पर लिटा दिया गया। चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर डाक्टर व स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।