अमरोहा में छापा मारी के दौरान बरामद दवा पर एक्सपायरी डेट देखते पुलिस कर्मीव बरामद दवाई।
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प्रदेश के एक कैबिनेट मंत्री के संरक्षण में नौ साल से जहर का कारोबार चल रहा था। सरगना ने खुद को उस कैबिनेट मंत्री का रिश्तेदार बता अधिकारियों को चौंका दिया। औषधि विभाग व कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार की सुबह सरगना समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर एक ट्रक एक्सपायरी दवाइयों का जखीरा बरामद किया तो हड़कंप मच गया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस व औषधि विभाग ने बिजनौर के नूरपुर में भी एक्सपायर दवाइयों की फैक्ट्री पकड़ी। लेकिन जो खुलासा किया उससे छापा मारने गई टीम के भी पैर एक बार ठिठक गए। उसने खुद को प्रदेश के एक कैबिनेट मंत्री का रिश्तेदार बता दिया।
डीएम शुभ्रा सक्सेना के निर्देश पर शुक्रवार की सुबह सहायक आयुक्त (औषधि) एके जैन के नेतृत्व में शहर कोतवाली पुलिस व औषधि निरीक्षक अमरोहा, रामपुर व मुरादाबाद के औषधि निरीक्षक ने कुरैशी मोहल्ले में बंद मकान में छापा मार कर सरगना समेत दो आरोपी गिरफ्तार करके एक्सपायरी दवाइयों का एक ट्रक जखीरा बरामद किया तो हड़कंप मच गया।
मकान चिल्ला मोहल्ला निवासी तस्लीम का है। जिसे आरोपियों ने किराए पर लिया था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह 8-9 साल से जहर का कारोबार कर रहे थे। जाहिर है, इसे राजनैतिक संरक्षण प्राप्त था।
उसने खुद को सपा के एक बड़े नेता का साला बता कर पुलिस पर रौब गांठने की भी कोशिश की थी। यह सच है कि बिना राजनैतिक संरक्षण के इतने दिनों तक जहर का कारोबार किया जाना नामुमकिन है। उधर सत्ता परिवर्तन होते ही छापा पड़ गया, जिससे भी राजनैतिक संरक्षण की पुष्टि हो गई।