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Amroha News: गबन से जुड़े कागजात गायब करने के मामले में एक सेवानिवृत्त कर्मी समेत आठ पर मुकदमा

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अमरोहा।
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गन्ना विभाग में हुआ पौने पांच करोड़ रुपये के गबन का मामला फिर चर्चाओं में है। गबन के बाद जिला गन्ना अधिकारी के दफ्तर से गायब हुए दस्तावेजों के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने गन्ना विभाग की रिपोर्ट आने के बाद एक सेवानिवृत्त कर्मी समेत आठ लोगों के विरुद्ध गबन से संबंधित रिकार्ड चोरी करने का मामला दर्ज किया है।
गन्ना विभाग से संबद्ध गन्ना विकास परिषद चंदनपुर एवं गजरौला में साल 2022 में चार करोड़ 76 लाख 17 हजार 286 रुपये का गबन का मामला सामने आया था। गबन में वरिष्ठ सहायक आशीष सैनी का नाम खुलकर आया था। तब तत्कालीन एससीडीआई की ओर से आशीष सैनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। वहीं, गबन के बाद संबंधित रिकार्ड गायब हो गए। जिसके बाद विभाग के अधिकारियों के होश उड़ गए। विभागीय जांच में कई लोगों के नाम रिकार्ड गायब होने के मामले में सामने आए। विभागीय जांच के बाद जिला गन्ना अधिकारी मनोज कुमार ने एससीडीआई मनोज कुमार को रिकार्ड गायब होने के मामले में विभागीय रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा कराने को निर्देशित किया था। इसके बाद मनोज कुमार ने थाना अमरोहा देहात में गबन से रिकार्ड चोरी और गायब करने के मामले में रिपोर्ट दर्ज करा दी।
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उन्होंने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि विभागीय जांच के बाद गबन के आरोपी आशीष सैनी की माता सुमित्रा देवी, आशीष सैनी के भाई एवं पर्यवेक्षक धर्मवीर सिंह, तत्कालीन वरिष्ठ सहायक प्रशांत कुमार, तत्कालीन ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक प्रीतम सिंह, गन्ना विकास परिषद गजरौला का चपरासी कैलाश, प्रभारी ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक चंदनपुर महेश कुमार व गन्ना पर्यवेक्षक धर्मवीर सिंह पुत्र चरण सिंह ने एक राय होकर षडयंत्र रचते हुए महत्वपूर्ण तथ्य छिपाये। आशीष सैनी, जिसके पास गन्ना विकास परिषद चंदनपुर एवं गजरौला का चार्ज था, उसे हटाया नहीं गया। बताया कि गबन में पकड़े जाने के डर से उक्त सभी आरोपियों ने दो जुलाई 2022 को गबन से संबंधित कुछ लेखा जोखा जिला गन्ना अधिकारी के पुराने भवन से चोरी करवा लिया। उस संबंध की सीसीटीवी फुटेज भी थी, लेकिन लेखा जोखा चोरी होने के संबंध में कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया। मनोज कुमार ने दर्ज मुकदमे में कहा कि गबन के संबंध में जो चैक जारी होते थे, वह प्रभारी ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक प्रीतम सिंह एवं जिला गन्ना अधिकारी हेमेंद्र प्रताप सिंह के हस्ताक्षर से जारी किए जाते थे। जिन लोगों के नाम चैक जारी किए गए, वह उनके घनिष्ठ संबंधों में थे। वहीं तत्कालीन जिला गन्ना अधिकारी ने भी इस संबंध में कोई एफआईआर दर्ज नहीं कराई। अब विभागीय जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया गया है। सीओ सतीश चंद पांडेय ने बताया कि मामले में आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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दूसरे जिलों में तैनात हैं आरोपित कर्मचारी

गबन के मामले में लेखा जोखा गायब करने के संबंध में जिन कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। वह दूसरे जिलों में तैनात हैं। आरोपी तत्कालीन प्रभारी ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक महेश कुमार सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वहीं गन्ना पर्यवेक्षक धर्मवीर सिंह पुत्र चरण सिंह वर्तमान में जनपद बिजनौर के गन्ना विकास परिषद चांदपुर एवं प्रशांत कुमार वरिष्ठ सहायक वर्तमान में जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय शाहजहांपुर में कार्यरत हैं।
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