अमरोहा। कुर्बानी का प्रतीक ईद-उल-अजहा शनिवार को अकीदत के साथ मनाया गया। कोरोना संक्रमण की आशंका के चलते ईदगाह और मस्जिदों में चुनिंदा लोगों ने नमाज पढ़ी। उलेमा ने लोगों से अल्लाह के अहकाम को पूरा करने को अपील की। कहा कि गरीबों और मजलूमों का ख्याल रखने को कहा। बाकी लोग अपने घरों में नमाज अदा की। कहा कि मेरे अल्लाह, कोरोना वायरस से हम लोगों को बचाएं, मस्जिदों के दरवाजे अब खोल दें। इसके बाद अल्लाह की रजा के लिए सुन्नते इब्राहिमी की अदायगी का सिलसिला शुरू हुआ। घर और चहारदीवारी के अंदर पशुओं की कुर्बानी दी गई। पशुओं की कुर्बानी का सिलसिला तीन अगस्त को मगरिब के पहले तक चलेगा।
शनिवार की सुबह चार बजे के बाद मस्जिदों में अजान की सदा गूंजी। इसके बाद शहर और देहात के मुस्लिम घरों में हलचल शुरू हो गई। सुबह लगभग पांच बजे मस्जिदों से घरों में नमाज अदा करने की अपील हुई। इसके साथ ही लोगों से मस्जिद और ईदगाह में नहीं आने को कहा गया। शहर और देहात के ईदगाह में सुबह लगभग छह बजे ईदगाह और मस्जिदों में ईद-उल-अजहा की नमाज अदा हुई। यहां पर इंतजामिया से जुडे लोगों ने नमाज अदा की। इसके साथ ही बाकी लोगों ने घरों में भी ईद की नमाज की तैयारी के लिए जुट गए। शहर में अधिकांश घरों में 6.30 बजे नमाज मुकम्मल हो गई। दुआ में लोगों ने अल्लाह से कोरोना वायरस से बचाने की अपील की। कहा कि अल्लाह हम गुनहगार हैं, मस्जिदों के दरवाजे हम लोगों के लिए खोल दें। इसके बाद पशुओं की कुर्बानी का सिलसिला शुरू हुआ। जो कुछ घरों में दोपहर तक चला।