प्रदेश सरकार ने साहिवाल, हरियाणा और गिर नस्ल की गायों के पालन को बढ़ावा देने के लिए मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना शुरू की है, जिसमें कम से कम 10 गायों का पालन करना जरूरी है। इसके लिए किसान को 22 लाख रुपये का ऋण दिया जाएगा। जिस पर 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी। योजना शुरू हो जाने पर किसान को छूट की राशि 11.8 लाख रुपये वापस की जाएगी।
पशु चिकित्सकों का मानना है कि साहिवाल, हरियाणा, गिर व थारपारकर नस्ल की गायें अच्छी होती हैं। इनकी दूध उत्पादन क्षमता भी अधिक है। उपरोक्त नस्ल की गायों का दूध पौष्टिक भी अधिक होता है। इसलिए प्रदेश सरकार दूध उत्पादन में वृद्धि के लिए उपरोक्त नस्लों की गायों के पालन को बढ़ावा दे रही है। इसी मकसद से सरकार ने मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना शुरू की है। जिसके तहत किसान को उपरोक्त नस्ल की कम से कम 10 गायों का पालन करना होगा। जिनके पालन के लिए खुला और स्वच्छ वातावरण का शेड अनिवार्य है। शेड बनाने और गायों के खरीदने पर कुल 22 से 24 लाख रुपये खर्च होंगे, जिसमें 50 प्रतिशत के अनुदान पर 22 लाख रुपये का ऋण किसान को दिया जाएगा।
मगर मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना शुरू करने के लिए किसान को शुरू में 25 प्रतिशत खर्च वहन करना होगा। जो गायों के खरीदने के साथ ही टीनशेड आदि पर किया जाएगा। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अतुल राजपूत का कहना है कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए ब्लॉक में अब तक पांच आवेदन आ चुके हैं। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आवेदन ऑनलाइन मांगे जा रहे हैं। साथ ही लॉटरी द्वारा खोले जाएंगे। योजना शुरू हो जाने के बाद किसान को 11 लाख 80 हजार रुपये एकमुश्त धनराशि वापस की जाएगी। यह भारतीय नस्ल की गायों को बढ़ावा देने के लिए सबसे आकर्षित योजना है। इससे प्रदेश में अच्छी नस्ल की गायों का पौष्टिक दूध का उत्पादन बढ़ेगा।