गजरौला। श्रीरामलीला प्रबंध समिति के रामलीला महोत्सव में मंगलवार को कुंभकरण, मेघनाद, अहिरावण और रावण वध की लीला का मंचन किया गया। भगवान राम के 31 तीरों से रावण धराशायी हो गया। इसके बाद रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतले धू-धूकर जल उठे।
मुख्य अतिथि मंडी धनौरा विधायक राजीव तरारा ने कहा कि जिस देश में पिता की आज्ञा मानने के लिए भगवान राम ने राज त्याग दिया, वहां बुजुर्गों का वृद्धाश्रम में होना कलंक है। रामलीला देखना और रामकथा सुनना तभी सार्थक है, जब एक भी बुजुर्ग वृद्धाश्रम में न रहे। उन्होंने भगवान राम और उनके भाइयों से त्याग की प्रेरणा लेने की बात कही।
राम-रावण युद्ध के दौरान विभीषण के बताने पर भगवान राम ने रावण की नाभि पर तीर चलाया, जिससे उसका अंत हुआ। रामलीला स्थल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। विधायक राजीव तरारा ने रावण के पुतले पर तीर चलाया। विधायक, सीओ अंजलि कटारिया और प्रभारी निरीक्षक पंकज तोमर को स्मृति चिह्न व शॉल देकर सम्मानित किया गया।
इस दौरान अध्यक्ष रामप्रकाश गर्ग, महामंत्री विपिन कौशिक, प्रबंधक सोनू गर्ग, उपाध्यक्ष सुबोध कुमार सिंघल, कोषाध्यक्ष डॉ. निरंजन प्रसाद गर्ग, जनार्दन कौशिक, प्रमोद सिंघल, संजीव सिंघल, गौरव गोयल, देवेश शर्मा, राहुल गोयल, संजय सिंघल, अजय सिंघल, पंकज कौशिक, यश अग्रवाल, कनिष्क भूषण शर्मा और गिरीश विश्वकर्मा मौजूद रहे।