वायरल वीडियो में कहा था कि स्कूल का भवन काफी जर्जर हो है। डर है कि कहीं यहां कोई बड़ा हादसा न हो जाए। जर्जर भवन में दीवारें गिर रही हैं। लेंटर का प्लास्टर उखड़ रहा है। यदि कोई हादसा हो जाता है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। हालांकि प्रधानाध्यापिका ने कुल पांच कमरों में से जर्जर हो चुके तीन कमरों में कक्षाओं में का संचालन बंद करा दिया था और बाकी दो कमरों में ही बच्चों की पढ़ाई कराई जा रही थी है।
परेशानी कि बात यह थी कि रसोई, बच्चों को शौचालय, पानी के लिए जर्जर भवन के बरामदे से होकर गुजरना पड़ रहा था। अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लेते हुए मंगलवार को विद्यालय के जर्जर भवन को सील करने का निर्देश दिया। बुधवार को प्रधानाध्यापिका ने जर्जर भवन को सील कर दिया। बच्चों की पढ़ाई का कार्य पास में ही एक घर में शुरू कराया है। इसके लिए मकान स्वामी ने सहमति दे दी है। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि बीस दिन के अंदर जर्जर भवन को ध्वस्त करा दिया जाएगा।