गजरौला में एक घर में जलाने के लिए रखा ई-कचरा।
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गजरौला (अमरोहा)। औद्योगिक नगरी में चोरीछिपे कई स्थानों और घरों में ई-कचरा जलाया जा रहा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण के मुद्दे पर गंभीर सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की सख्ती के चलते इस धंधे से जुड़े लोग दिल्ली से कबाड़ में ई-कचरा खरीदकर उसे यहां चोरीछिपे जा रहे हैं। भाकियू द्वारा इसके विरोध में आने और आंदोलन की धमकी देने के बाद से पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण विभाग भी सतर्क हो गया है। हालांकि अभी तक इस मामले में किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
औद्योगिक नगरी में काफी समय से चोरी-छिपे ई-कचरा जलाए जाने की चर्चाएं हैं। पूर्व में कई बार ई- कचरा जलाए जाने का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ। हालांकि कार्रवाई किसी पर नहीं। अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण को देखते हुए खेतों में पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश देने के बाद भाकियू भी सरकार के विरोध में आ गई है। भाकियू का कहना है कि खेत में जल रही पराली तो सरकार के ड्रोन कैमरों में आ रही है लेकिन औद्योगिक इकाइयों की चिमनियों से निकलने वाला धुंआ और ई-कचरा जलाए जाने से हो रहा प्रदूषण कोई नहीं देख रहा है। बताते हैं कि नगर में हाईवे किनारे स्थित एक मोहल्ले के कुछ घरों में चोरी-छिपे ई-कचरा जलाया जा रहा है। मोहल्ले में ही रहने वाले एक शख्स ने नाम नहीं छापने पर अमर उजाला को बताया कि इस धंधे में कई लोग जुड़े हुए हैं जो कि दिल्ली से ई-कचरा कबाड़ में खरीदकर यहां ला रहे हैं और उसे जलाकर उसमें से निकली वाली धातु को महंगी कीमतों पर बेच रहे हैं। इंस्पेक्टर आरपी शर्मा ने बताया कि शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी जेपी मौर्य ने बताया कि पूर्व में मिली शिकायतों के बाद दो दिन पूर्व टीम को गजरौला भेजा गया था लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। बता दें कि गुरुवार को भाकियू (अराजनैतिक) के शिष्टमंडल ने गजरौला थाने में इंस्पेक्टर को दिए ज्ञापन में ई-कचरा जलाने वालों पर कार्रवाई नहीं होने पर वहीं रात के समय धरना देकर बैठने की चेतावनी दी है।
फैक्टरियों में चिमनियों पर लगे कैमरे जुड़ेंगे कंट्रोम रूम से
गजरौला। नगर में स्थित कई बड़ी औद्योगिक इकाइयों में वायु प्रदूषण की निरंतर मिल रही शिकायतों और एनजीटी में एक केस चलने के बाद हरकत में आए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देश पर कुछ फैक्टरियों में सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं। वहीं नगर के मुख्य चौराहों पर प्रदूषण मापी यंत्र लगाए जाने की भी प्लानिंग है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी जेपी मौर्य ने बताया कि गजरौला में स्थित कुछ बड़ी फैक्टरियों की चिमनियों पर कैमरे लगाए जा चुके हैं। शीघ्र ही ये कैमरे कंट्रोल रूम से भी जोड़े जाएंगे। इसके बाद लखनऊ स्थित मुख्यालय और बिजनौर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में बैठे अधिकारी वहीं से गजरौला की इकाइयों से हो रहे प्रदूषण की मॉनीटरिंग कर सकेंगे। बता दें कि नगर में वायु प्रदूषण की समस्या काफी चिंताजनक बनी हुई है।