अमरोहा। पश्चिमी विक्षोभ का असर अमरोहा जिले में भी दिखाई दिया। दो दिनों तक बादल छाए रहने के बाद बृहस्पतिवार को बूंदाबांदी हुई जिसके कारण अधिकतम तापमान में चार डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।
बूंदाबांदी का असर धान की कटाई पर पड़ा। वहीं, मौसम में बदलाव के कारण किसानों को फसल में नुकसान की चिंता सताने लगी है। उधर, बूंदाबांदी के कारण बढ़ी ठंड से तिगरी मेले में मौजूद श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अगर तेज बारिश हुई तो श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। श्रद्धालुओं को तेज बारिश होने वा तंबुओं में पानी भरने का डर सताता रहा। ठंड बढ़ते ही डेरों में शामिल बच्चों को बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी गई, जिससे बच्चों को बीमारी से बचाया जा सके। शाम के समय मेले में भी श्रद्धालुओं की भीड़ कम दिखाई दी।
मंगलवार और बुधवार को आसमान में घने बादल छाए रहे। बुधवार की सुबह से बूंदाबांदी से ठंड का असर बढ़ गया। बुधवार तड़के से ही आसमान में घने बादल छाए रहे। दोपहर बारह बजे के बाद हल्की बूंदाबांदी होने से अधिकतम तापमान में कमी दर्ज की गई। तापमान पर नजर डाली जाए तो बुधवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री, न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस था।
आर्द्रता 79 प्रतिशत रही। जबकि पांच किमी की रफ्तार से हवा चल रही थी। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 25 डिग्री, न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश से किसानों को फसल नुकसान की चिंता सताने लगी है। तेज बारिश होती है तो नुकसान होना तय लग रहा है। जिला कृषि अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि अगले दो दिन बारिश के आसार है। संवाद