अमरोहा। जापान पैरा ओलंपिक में देश के खिलाड़ियों के प्रदर्शन से गांव नरैना कलां निवासी पैरा एथलीट कार्तिक चाहल खुश हैं, लेकिन खुद हिस्सा नहीं ले पाने का अफसोस है। ट्रायल में तीसरी रैंक मिलने के बावजूद तीसरे स्थान के खिलाड़ियों का कोटा जारी नहीं होने से उनका चयन नहीं हो सका। अब वह जून 2027 में उज्बेकिस्तान में होने वाली विश्व चैंपियनशिप की तैयारी में पुणे में पसीना बहा रहे हैं।
किसान तरुण चाहल के बेटे कार्तिक ने कोच सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में वेट लिफ्टिंग से करियर शुरू किया। राष्ट्रीय स्तर पर कांस्य पदक जीतने के बाद डिस्कस थ्रो अपनाया और 2016 में कर्नाटक में कांस्य पदक हासिल किया। नवंबर 2022 में हादसे में उनके बाएं पैर का पंजा कट गया। इससे खेल करियर खत्म होने की आशंका हुई, लेकिन परिवार और कोच के हौसले से उन्होंने दोबारा अभ्यास शुरू किया।
करीब तीन साल उपचार के बाद 2025 में सोनीपत में कोच अरुण सिंह के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लिया। इसी साल खेलो इंडिया में रजत पदक जीता। मार्च 2026 में ओडिशा की राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल किया। इससे पहले दिल्ली में वर्ल्ड ग्रां प्री में चौथा स्थान पाया था।
कार्तिक के मुताबिक, साथी खिलाड़ियों को पदक जीतते देखकर खुशी होती है। अब उनका लक्ष्य विश्व चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन कर देश के लिए पदक जीतना है। इसके लिए वह पुणे में कोच लखविंद्र सिंह के निर्देशन में तैयारी कर रहे हैं।