गजरौला। इलाके में बंदर व कुत्ते हमलावर हो रहे हैं। घरों या खेतों में काम कर रहे लोगों पर हमला कर काट रहे हैं। रास्ते में गुजर रहे लोगों को भी निशाना बना रहे हैं। सीएचसी में 52 लोगों काे एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाया गया। जिसमें आठ बंदरों के काटे और बाकी कुत्ते के काटे हुए थे।
पहले आमतौर पर भीषण गर्मी या ब्रीडिंग के सीजन में ही कुत्ते लोगों पर हमलावर होते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है। घरों में काम करते, रास्ते से गुजरते या खेतों में काम धंधा करते, चारा काटते लोगों पर कुत्ते व बंदर हमला कर रहे हैं। जहां नगर क्षेत्र में बंदरों का आतंक है, वहीं ग्रामीण अंचलों में कुत्ते काट रहे हैं। बृहस्पतिवार को गजराैला क्षेत्र में अलग-अलग स्थान पर 44 लोगों को कुत्तों ने काट लिया। आठ लोगों पर बंदरों ने हमला किया। बंदर व कुत्तों के काटे लोग एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए सीएचसी में पहुंचे। जिनको स्टाफ ने एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाया। सीएचसी प्रभारी डॉ. योगेंद्र सिंह का कहना है कि भूखे रहने के कारण कुत्ते आक्रामक हो रहे हैं। इसके अलावा मृत पशुओं के अवशेष खाकर भी कुत्ते खूंखार हो जाते हैं। कुत्तों से बचने के लिए खेत पर अकेले न जाएं। अपने बचाव के लिए लाठी जरूर साथ रखें। अकेला होने पर और कुत्तों का झुंड आ जाने पर पेड़ पर चढ़ कर शोर मचाएं।
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