रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
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हसनपुर शहर के एक निजी अस्पताल संचालक पर बच्चा बेचने का आरोप लगाया गया है। गांव दियावली खालसा के दंपति के मुताबिक तीन माह पहले निजी अस्पताल में ऑपरेशन से बच्चे को जन्म दिया था। डिलीवरी के 35 हजार रुपये मांगे गए थे, रकम का इंतजाम ना होने पर डाक्टर ने नवजात को गिरवी रख लिया था। लेकिन अब रुपये देने पर भी बच्चे को नहीं लौटाया जा रहा है। दंपति बच्चा बेचने का आरोप लगाते हुए कोतवाली पहुंचा और इंसाफ की गुहार लगाई है।
कोतवाली इलाके के गांव दियावली खालसा निवासी सोमपाल के मुताबिक तीन नवंबर 2016 की सुबह को पत्नी प्रीति को प्रसव पीड़ा शुरू हुई थी। गांव की आशा मुनेश के माध्यम से पत्नी को सीएचसी हसनपुर में भर्ती कराया गया था। लेकिन शाम तक भी प्रसव नहीं हुआ तो, यहां से रेफर कर दिया गया था। आशा के कहने पर ही पत्नी को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था।
यहां पर ऑपरेशन से बेटे को जन्म दिया था। लेकिन डाक्टरों ने ऑपरेशन की रकम 35 हजार बताई जो मेरे पास नहीं थी। दस हजार रुपये देकर बाकी उधार करने की बात कही थी, लेकिन डाक्टर ने बच्चे को गिरवी रख लिया और कहा था कि जब बाकी रकम ले आओगे तो बच्चे को ले जाना।
कई दिन पहले डाक्टर के पास बाकी रकम लेकर पहुंचे और बच्चा लौटाने की बात की तो डाक्टर ने बच्चा लौटाने से इंकार दिया। आरोप है कि डाक्टर द्वारा बच्चा नहीं दिया जा रहा। संशय है कि डाक्टरों द्वारा बच्चे को बेच दिया गया। दो दिन से इंसाफ की गुहार को लेकर कोतवाली के चक्कर लगाए जा रहे हैं, लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
आरोप सरासर गलत
इस गांव की महिला की डिलीवरी तो की गई थी, लेकिन जहां रुपये के लिए बच्चा रखने का आरोप है तो वह सरासर गलत है। चिकित्सक
मामले की जांच कराई जा रही है
अस्पताल द्वारा ऑपरेशन की रकम ना मिलने पर बच्चा गिरवी रखने की तहरीर मिली है। मामला तीन माह पुराना बताया जा रहा है। मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है।
आरके वर्मा, एसएसआई