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Amroha News: तिगरीधाम गंगा मेले की तैयारियां अधूरी मिलने पर डीएम ने जताई नाराजगी

Tue, 22 Oct 2024 05:41 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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गजरौला (अमरोहा)। तिगरीधाम गंगा मेले की तैयारियां अधूरी पाई जाने पर डीएम ने नाराजगी जताई। ठेकेदार को फटकार लगाते हुए कहा कि दूसरी तरफ हापुड़ जिले की तैयारियां साफ दिखाई दे रही हैं। अपने यहां कुछ नहीं है। गंगा रोड का काम भी शुरू नहीं हुआ। आरती स्थल की जगह पर निशान भी नहीं लगाए गए हैं। 28 तक सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए।
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सोमवार शाम करीब 4.30 बजे डीएम निधि गुप्ता वत्स अधीनस्थ अधिकारियों के साथ तिगरी गंगा मेले की तैयारियों का जायजा लेने गईं। जल निगम के अधिशासी अभियंता से जानकारी ली कि पेयजल के लिए कितने हैंडपंप लगाए जाएंगे। पिछले साल से कम नहीं रहने चाहिए। डीपीआरओ को निर्देश दिए कि मेले में जल्द से जल्द शौचालय बनाएं जाएं। सफाई के पुख्ता इंतजाम करने के लिए कहा। बिजली विभाग के एसडीओ को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के मार्ग में जहां कहीं भी खंभे जर्जर हैं। लाइन नीची और ढीली है, उसे दुरुस्त किया जाए। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता को मेले में जल्द से जल्द सड़क का काम पूरा करने के निर्देश दिए। डीएम ने रेलवे के डीआरएम को फोन कर फाजलपुर फाटक के आस पास सड़क की मरम्मत कराने को कहा।




अधूरी तैयारियों के चलते गंगा तक नहीं जा सके अफसरों के वाहन

गजरौला। तिगरी गंगा मेले की तैयारियां इस कदर अधूरी हैं कि जहां पर सदर चौक के लिए मचान का ढांचा बनाया गया है, उससे गंगा की दूरी 11 सौ मीटर है। सदर चौक के निकट पर पूर्व में गंगा की जलधारा प्रवाहित होती थी। जिसके किनारे भी अभी समतल नहीं किए गए। जो नाला पूर्व में बह रहा था, उसे पार कर जाने के लिए सड़क बनाने का काम अधूरा है। डीएम, एडीएम न्यायिक मायाशंकर यादव, एडीएम वित्त एवं राजस्व ब्रजेश त्रिपाठी व एसडीएम चंद्रकांता ट्रैक्टर पर सवार होकर गंगा किनारे तक पहुंचे। मेला स्थल का भ्रमण कर जायजा लिया कि कहां पर स्नान घाट बनाए जाएंगे। आरती स्थल कहां पर बनेगा। आरती स्थल के लिए भूमि पर निशान न लगाए जाने पर नाराजगी जताई।
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मेला स्थल पर बन गए सात मचान के ढांचे

गजरौला। गंगा किनारे लग रहे कार्तिक पूर्णिमा मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा बड़ी चुनौती रहती है। मेले में मचान बनाकर उन पर पुलिसकर्मी तैनात किए जाते हैं। दूरबीन और हथियारों से लैस पुलिसकर्मी शरारती तत्वों पर नजर रखते हैं। मेले में मचान बनाने का काम शुरु हो गया। सात मचान के ढांचे बन गए।
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