गजरौला (अमरोहा)। पति-पत्नी के विवाद के बीच भेंट चढ़े 10 माह के मासूम का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है। हालांकि, पुलिस ने पत्नी की तहरीर पर पति बच्चे के अपहरण का मुकदमा मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी पिता द्वारा बेटे के गंगा में डूबने की बात पर पुलिस ने तीसरे दिन भी उसकी तलाश शुरू की। स्टीमर में बैठकर पुलिसकर्मियों ने हसनपुर के दियावली तक गंगा जल को छान मारा।
थाना क्षेत्र के गांव कांकाठेर निवासी धर्मेंद्र की पत्नी मिथलेश देवी ने पति पर 10 माह के बेटे विवेक को बेचने का आरोप लगाया था। उसके द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर में कहा गया था कि 14 अक्तूबर की रात पति-पत्नी में विवाद हुआ। रात को छोटा बेटा अपने पिता के पास सो गया। रात में किसी समय पति ने बेटे का अपहरण कर लिया। जिसे ले जाकर कहीं बेच दिया। उनको अपहरण की जानकारी उस वक्त हुई, जब वह अगले दिन तड़के तीन बजे उसका पति धर्मेंद्र चारपाई पर नहीं मिला। उसका मासूम बेटा भी गायब था। काफी तलाश करने पर पिता नहीं मिला। उनका फोन बंद पाया गया। तीन दिन बाद 18 अक्तूबर को फोन खुला तो कॉल की। शाम को वह अकेले घर आए। उनसे बच्चे के बारे में जानकारी करने पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। उनका आरोप है कि पति ने उनके बेटे का अपहरण कर बेच दिया है। पुलिस ने मिथलेश की तहरीर पर पति धर्मेंद्र के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज किया है। सीओ श्वेताभ भास्कर का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बच्चे को गंगा में तलाश किया जा रहा है।
मेरठ में जाने के बाद दोस्त की रिश्तेदारी में रहा
गजरौला। पुलिस पूछताछ में कांकाठेर निवासी धर्मेंद्र ने बताया कि उससे छूट कर उसका दस माह का बेटा गंगा में गिर गया। वह ब्रजघाट में गंगा पुल से उतर कर गंगा किनारे पर बच्चे को तलाश करने में जुट गया। उसे खोजता हुआ आरती स्थल पर भी गया। किनारे-किनारे श्मशान घाट तक पहुंचा। मगर बेटा नहीं मिला। दिन निकलने पर उसने अपने दोस्त को फोन कर सारी घटना बताई। उसका दोस्त बाइक लेकर ब्रजघाट गया। उसने भी दोस्त के साथ काम करने की बात कही। इसके बाद दोस्त की बाइक पर बैठ कर मेरठ गया। लेकिन यहां बात नहीं बन सकी। बाद में दोस्त जेसीबी चलाने के लिए पानीपत चला गया, जबकि धर्मेंद्र दोस्त की रिश्तेदारी में हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव भीमाठीकरी में गया। यहां पर वह तीन दिन रहा।