सुरक्षित व शांतिपूर्ण तरीके से कांवड़ यात्रा संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फूल रहे हैं। जिले के दोनों बड़े अधिकारी दिन भर कांवड़ियों के आने जाने वाले मार्ग की रखवाली कर रहे हैं। दिन में दो बार कांवड़ यात्रा मार्ग का निरीक्षण कर अधीनस्थों को आवश्यक दिशा निर्देश दे रहे हैं। शनिवार को पुलिस द्वारा गजरौला मार्ग पर दोपहिया वाहनों की आवाजाही भी बंद कर दी गई। कांवड़ यात्रा पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है। जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक लगातार भ्रमण कर कांवड़ यात्रा पर नजर रखे हुए हैं। शनिवार को भी डीएम व एसपी ने गजरौला से धनौरा होते हुए रसूलपुर पुलिस चौकी तक कांवड़ यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया। रास्ते में पड़ने वाले सेवा शिविरों में आए कांवड़ियों से उनके हालचाल मालूम किए। अनुरोध किया गया कि वे प्रशासन द्वारा निर्धारित रूट से ही जाएं। सेवा शिविरों की व्यवस्था देखी गई। जर्जर तारों को तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए गए।
हरिद्वार से अपने पिता के साथ पैदल जल लेकर आ रहा आठ साल का शौर्य राजपूत आकर्षण का केंद्र रहा। छोटे छोटे कदमों से अपने पिता का पीछा करने की कोशिश कर रहा शौर्य बीच बीच में रुक कर अपनी थकान मिटाने का प्रयास भी करता दिखाई दिया। जनपद बुलंदशहर के कस्बा जहांगीराबाद निवासी हरीराम अपने परिवार के साथ हरिद्वार से कांवड़ लेकर आए थे। शनिवार की दोपहर वह पत्थरकुटी शिवमंदिर के पास आए तो साथ में शौर्य को भी कांवड़िए की वेशभूषा में देखकर लोगों को आश्चर्य हुआ। पिता ने बताया कि हरिद्वार से वह उनके साथ पैदल ही आ रहा है। शौर्य का कहना था कि वह अपने कस्बे तक पिता के साथ पैदल ही जाएगा। बीच बीच में अपने पिता को आराम देने के लिए वह अपने कंधे पर कांवड़ भी रखता है।