गजरौला । पौने पांच करोड़ के गबन के आरोपी जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय के बाबू आशीष सैनी से घनिष्ठता और उसके बारे में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी न देना मुरादाबाद के जिला गन्ना अधिकारी को महंगा पड़ गया। उनको निलंबित कर दिया गया है।
जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय के बाबू आशीष सैनी पर गन्ना विकास परिषद गजरौला और चंदनपुर की जिम्मेदारी थी।
आशीष सैनी पर बीते साल जुलाई में पौने पांच करोड़ के गबन के आरोप लगे थे। जिसकी जांच उप गन्ना आयुक्त परिक्षेत्र बरेली ने कराई। जांच में गबन की पुष्टि हो गई। गबन के दौरान अमरोहा के जिला गन्ना अधिकारी हेमेंद्र प्रताप सिंह व गजरौला के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक प्रीतम सिंह थे। गबन की पुष्टि होने पर प्रीतम सिंह ने बीते साल जुलाई में थाना गजरौला में आशीष सैनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। आशीष सैनी को 17 मार्च-23 को गजरौला पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उधर गबन का मामला सामने आने पर शासन ने कार्रवाई करते हुए प्रीतम सिंह को कासगंज आबद्घ कर दिया, जबकि जिला गन्ना अधिकारी को लखनऊ संबद्घ कर दिया गया। उनके बाद मुरादाबाद के जिला गन्ना अधिकारी अजय सिंह को अमरोहा का चार्ज दिया गया। उनको जांच दल का अध्यक्ष बनाया गया। मगर उन पर आरोप है कि उन्होंने गबन के आरोपी आशीष सैनी से घनिष्ठता निभाई। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह किया। जिसके चलते जिला गन्ना अधिकारी को प्रदेश के अपर मुख्य सचिव चीनी उद्योग संजय आर भूसरेड्डी ने निलंबित कर दिया है। उनको आयुक्त गन्ना एवं चीनी कार्यालय से संबद्घ किया गया है।