फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मंदिर में पुजारी के नाम का पत्थर लगाने को तनातनी

विज्ञापन
विज्ञापन
उझारी (अमरोहा)। नगर के शिव मंदिर में पुजारी के नाम का पत्थर लगाने को लेकर दो पक्ष आमने सामने आ गए। दोनों पक्षों में जमकर नोकझोंक हुई। काफी देर तक तनातनी का माहौल बना रहा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराया, लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका। बाद में दोनों पक्षों ने मंदिर में अपना-अपना ताला लगा दिया। जिसे लेकर कस्बे में तनाव है।
विज्ञापन

नगर के मोहल्ला बस स्टैंड स्थित शिव मंदिर के पुजारी मोहर सिंह का सात जुलाई को बीमारी के कारण देहांत हो गया था। उनके निधन से भक्तों में मायूसी थी। बाद में भक्तों ने पुजारी की याद में मंदिर के अंदर उनके नाम का पत्थर लगाने का निर्णय लिया। सोमवार को कुछ लोग इकट्ठा होकर पत्थर लेकर मंदिर पहुंचे।
तभी दूसरे पक्ष के लोग वहां पहुंच गए। उस पक्ष ने मंदिर में पुजारी के नाम का पत्थर लगाने का विरोध किया। जिसे लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी होने लगी। नोकझोंक के बाद दोनों पक्षों में तनातनी हो गई। कुछ लोगों ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे। तनाव की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। चौकी इंचार्ज मनोज कुमार ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन दोनों पक्ष अपनी-अपनी जिद पर अड़े रहे। बाद में दूसरे पक्ष के लोगों ने पत्थर नहीं लगाए दिए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान अमित कुमार, सुभाष, महेश चंद्र, चमन सिंह, कुंवर सेन, हरपाल, विनोद सागर आदि रहे।
विज्ञापन

अनुसूचित जाति के लोगों ने दी तहरीर
उझारी। शिव मंदिर में पुजारी मोहर सिंह के नाम का पत्थर नहीं लगाए दिए जाने पर अनुसूचित जाति के लोगों ने तहरीर देकर दूसरे पक्ष पर कार्रवाई की मांग की है। तहरीर में कहा कि मोहर सिंह अनुसूचित जाति से थे। उन्होंने करीब 25 साल मंदिर में अपनी सेवा दी। इसलिए दूसरे वर्ग के लोग उनके नाम का पत्थर लगाने का विरोध कर रहे हैं। वहीं दूसरे पक्ष के मनीराम पाल का कहना है कि अगर मंदिर के अंदर पुजारी की मृत्युु के बाद पत्थर लगने लगेगा तो मंदिर में पूजा करने के लिए जगह कहां बचेगी। इससे पहले भी चार पुुजारी और रह चुके हैं। उन पुजारियों के नाम का भी कोई पत्थर नहीं लगा है।
- मामले की तहरीर मिली है। दोनों पक्षों में समझौते का प्रयास चल रहा है। आपसी सहमति से जो भी निर्णय निकले। पुलिस का काम शांति बनाना है अशांति फैलाना नहीं है। - मनोज कुमार, चौकी इंचार्ज, उझारी
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें