अमरोहा। जनपद के कुख्यात टॉप-10 बदमाश दिलशाद को गैंगस्टर एक्ट के 17 साल पुराने मामले में न्यायालय ने दोषी ठहराते हुए चार साल की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 5000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
यह मामला थाना सैदनगली क्षेत्र से जुड़ा है। तत्कालीन थाना प्रभारी देवीराम गौतम ने ढक्का गांव निवासी दिलशाद समेत शमशाद, नौशाद और इंतजार के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की विवेचना तत्कालीन अधिकारी ओपी राणा द्वारा की गई थी।
पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था। बाद में सभी आरोपी जमानत पर रिहा हो गए थे। मुकदमे की सुनवाई एफटीसी द्वितीय (फास्ट ट्रैक कोर्ट) में चल रही थी। अंतिम सुनवाई के दौरान न्यायालय ने साक्ष्यों के आधार पर दिलशाद को दोषी करार देते हुए चार साल की सजा और पांच हजार का जुर्माना लगाया।
शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार वशिष्ठ ने बताया कि इसी मामले में अन्य आरोपी शमशाद, नौशाद और इंतजार को भी पहले ही चार-चार साल की सजा सुनाई जा चुकी है। बताया गया कि दिलशाद जनपद का टॉप-10 बदमाश है और उसके खिलाफ सैदनगली, गजरौला, रजबपुर, आदमपुर, नौगावां सादात और हसनपुर थानों में करीब 35 प्राथमिकी दर्ज हैं। अधिकांश मुकदमे न्यायालयों में विचाराधीन हैं।