गजरौला। रामगंगा पोषक नहर पर लगा पैंटून पुल हटते से पहले प्रशासन ने दारानगर गांव के ग्रामीणों की दुश्वारियां बढ़ गईं। आवागमन के लिए नाव का इंतजाम नहीं किया। ग्रामीण नहर को कैसे पार करेंगे, यह सवाल खड़ा हो गया है। जबकि उनका दैनिक कार्यों के लिए रोजाना गजरौला, धनौरा आदि को आना जाना होता है।
क्षेत्र का दारानगर गांव टापू में बसा है। जिसके दक्षिण में गंगा और उत्तर दिशा में रामगंगा पोषक नहर है। ग्रामीणों के आवागमन के लिए नहर पर हर साल दिसंबर के आखिर में पैंटून पुल लगाया जाता है। जिसे 15 जून तक हटा लिया जाता है, लेकिन इस बार पैंटून पुल जनवरी में लगाया गया था। शुक्रवार से इसे हटाने का काम शुरू किया गया, मगर इसे हटाने से पहले प्रशासन ने ग्रामीणों के लिए नाव का इंतजाम नहीं किया। उनके आवागमन के लिए पिछले साल जो नाव लगाई गई थी, उसे किसी तरह निकाला गया। उससे ही काम चला रहे हैं। नई और दूसरी नाव का प्रबंध नहीं किया गया। फिलहाल नहर में पानी कम है। बढ़ जाने पर उनके सामने नहर पार करने की समस्या खड़ी होगी। एसडीएम चंद्रकांता का कहना है कि नाव का इंतजाम है। पानी बढ़ते ही मुहैया करा दी जाएंगी।