हेल्थ वर्कर ने सीएमओ डॉ. राजीव सिंघल द्वारा सेवाएं समाप्त करने के विरोध में डीएम बीके त्रिपाठी को ज्ञापन सौंपकर कर न्याय की मांग की है।
सोमवार को तीस हेल्थ वर्कर एकजुट होकर कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने सीएमओ के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। हेल्थ वर्कर्स का आरोप है कि साल 2018 में सीएमओ रमेश चंद्र शर्मा द्वारा 67 पदों पर हेल्थ वर्कर्स की भर्ती की गई थी। जिसमें ड्रेसर डार्क रूम, असिस्टेंट नर्सिंग, सहायक वार्ड आया, चपरासी, चौकीदार जैसे पदों पर भर्ती की गई थी लेकिन तत्कालीन सीएमओ डॉ.राजीव सिंगल द्वारा उनकी भर्ती को फर्जी करार देते हुए उनकी सेवाएं समाप्त कर दी।
पीड़ित हेल्थ वर्कर्स का कहना है कि जब भर्ती फर्जी है तो पिछले चार साल से उन्हें वेतन किस आधार पर दिया जा रहा था। उन्होंने कहा कि कोरोना में अपनी जान को हथेली पर रखते हुए दिन रात उन्होंने काम किया है लेकिन आज उनकी सेवाएं समाप्त होने की वजह से उनका परिवार सड़क पर आ गया है।
आरोप है कि 67 लोगों में से 30 लोगों की सेवाएं फर्जी बताते हुए समाप्त की गई है। जबकि, बाकी के लोगों से रुपये लेकर उनकी सेवाओं को बरकरार रखा गया है। पीड़ितों ने जिलाधिकारी से मामले में जल्द से जल्द जांच कर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही इंसाफ न मिलने पर आत्महत्या की चेतावनी दी है। सचिन कुमार, राजेश कुमार, अंकित राज, शुभम भारती, सुमन, सुनीता, रवि, प्रसाद, भावना, मोहनी, बबली, उपासना, दीक्षारानी, प्रीति, वीरपाल, नईम, उपासना, मोहनी, दीपक, पुष्पेंद्र, आनंद, मिलन, मोहम्मद शुऐब, मोहम्मद उवैस, रावीर सिंह मौजूद रहे।