अमरोहा। सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन ने मंगलवार को 12 सूत्री मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा गया। संगठन ने प्रमुख रूप से एक जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों को आठवें वेतन आयोग के दायरे में शामिल कर पेंशन एवं अन्य लाभों का पुनरीक्षण करने की मांग उठाई।
अध्यक्ष अनूप सिंह पैसल ने कहा कि वेतन आयोग की प्रक्रिया में देरी को देखते हुए कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनरों को अंतरिम राहत दी जाए। पेंशनरों और कर्मचारियों के लिए अलग उपभोक्ता मूल्य सूचकांक तैयार करने की मांग भी रखी गई। इसके अलावा पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, पेंशन राशिकरण की कटौती 10 वर्ष में बंद करने और 65 वर्ष की आयु के बाद प्रत्येक पांच वर्ष में पांच प्रतिशत पेंशन बढ़ाने की मांग की गई। पेंशन को आयकर से मुक्त करने, कोरोना काल के 18 माह के डीए/डीआर के बकाये का भुगतान करने तथा महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत से अधिक होने पर उसे मूल वेतन या पेंशन में शामिल करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
साथ ही वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराये में 50 प्रतिशत छूट और आयुष्मान भारत में कैशलेस उपचार की सीमा 10 लाख रुपये करने की मांग उठाई गई। संगठन ने वरिष्ठ नागरिक आयोग के गठन की मांग भी की। इस दौरान मंत्री राजेंद्र सिंह राणा, सिवेंद्र सिंह चिकारा, अनिल कुमार माहेश्वरी, फरजल्द अली, शिशपाल सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह त्यागी आदि मौजूद रहे।