गन्ने की कालाबाजारी व घटतौली पर भड़के किसानों ने मंगलवार को डीसीओ को दफ्तर पर घेर लिया। खूब खरीखोटी सुनाई। इस बीच मौके पर आए चीनी मिल अधिकारियों से भी किसानों की तीखी नोकझोंक हुई। इस दौरान किसान नेताओं ने दो टूक कहा कि समस्या निस्तारित नहीं हुईं तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक भानू के जिलाध्यक्ष चौधरी सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में किसान जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय पर जमा हुए। यहां पर डीसीओ विजय बहादुर सिंह को घेर लिया। इसके बाद अपने साथ बैठाकर खरी-खरी सुनाई। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह ने कहा कि वेव शुगर मिल का संचालन नहीं होने की वजह से करीब 25 हजार किसान दूसरी चीनी मिलों पर गन्ना आपूर्ति कर रहे हैं। इससे व्यवस्था अस्त व्यस्त हो गई है। इसके न चलने से किसानों को भारी नुकसान होगा।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि क्रय केंद्रों व मिल गेट पर घटतौली बर्दाश्त नहीं होगी। मिलों पर रात में गन्ना किसानों को ठहराने व एक बार चाय का इंतजाम किया जाए। गन्ने की कालाबाजारी करने वाले माफियाओं पर शिकंजा कसा जाए और उन पर रासुका लगाई जाए। बेलवाड़ा चीनी मिल के गन्ना क्रय केंद्र बढ़ाए जाएं। अगैती प्रजापति व सामान्य प्रजापति की सभी पर्चियों का इंडेंट जारी किया जाए। पर्ची पर प्रजाति अंकित न की जाए। इसी दरम्यान पहुंचे चीनी मिल अधिकारियों से किसानों की नोकझोंक हुई। बाद में डीसीओ को ज्ञापन सौंपकर किसानों ने धरना समाप्त कर दिया। इस मौके पर चौ. जयकीरत सिंह, ब्रजपाल यादव, भरपूर सिंह सिद्धू, सत्यपाल सिंह, राजपाल सिंह, नित्यानंद शर्मा, ओमप्रकाश सिंह, कल्लू सिंह, रोहताश सिंह, यशपाल सिंह, अंकित त्यागी, संजीव कुमार, चंद्रपाल सिंह, समरपाल सिंह, ऋशिपाल सिंह, कुलविंदर सिंह, दिनेश चौधरी, योगेश सिंह, योगेंद्र सिंह आदि किसान मौजूद थे।