गजरौला। दामाद को आत्महत्या के लिए उकसाने में फंसे छत्रपाल जाटव (42) का शव गांव से 200 मीटर दूर जंगल में पेड़ पर लटका मिला। जंगल में गए ग्रामीणाें ने शव देख पुलिस को सूचना दी। घटना की खबर फैलते ही लोग इकट्ठा हो गए। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतारा।
मामला थाना क्षेत्र के गांव बिजौरा का है। यहां निवासी छत्रपाल जाटव पुत्र सुमेरी जाटव मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते थे। सीओ श्वेताभ भास्कर ने बताया कि सोमवार की सुबह सात बजे उनका शव गांव से बाहर 200 मीटर दूर जंगल में पेड़ पर लटका मिला। पुलिस टीम मौके पर बुलाई गई। इस दौरान जानकारी करने पर पता चला कि एक महीने पूर्व छत्रपाल के दामाद विपिन निवासी आलम नगर बछरायूं ने घर में फंदे पर लटक कर जान दी। जिसमें छत्रपाल और उनकी पत्नी सहित छह लोगों के खिलाफ दामाद को आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया था। जिसके चलते वह तनाव में चल रहे थे। इसी कारण उन्होंने आत्महत्या कर ली। सीओ ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
जमानत याचिका खारिज होने से परेशान रहते थे छत्रपाल
गजरौला। गांव से 200 मीटर दूर फंदे पर लटके पाए गए छत्रपाल और परिवार के खिलाफ दामाद को आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया गया तो वह बेहद परेशान रहते थे। सीओ ने बताया कि उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए जमानत याचिका दायर की। जिसे न्यायालय द्वारा खारिज कर दिया गया। जिससे उनको गिरफ्तारी का डर सता रहा था। उधर घटना के बाद मौके पर पहुंचे मृतक के भाई टेकचंद का कहना था कि रविवार को छत्रपाल के घर पुलिस आई थी। पुलिस ने छत्रपाल के परिजनों से उनको हाजिर कराने के लिए कहा था। टेकचंद ने यह जिक्र अपने भाई छत्रपाल से किया। इसके बाद क्या हो गया, उनको नहीं पता।