डिडौली। फाइनेंस पर निकाली डीसीएम को दोस्त के नाम कराना किसान को भारी पड़ गया। अब वह डीसीएम को देने से इन्कार कर रहा है। जबकि गाड़ी की सभी किस्तें पीड़ित किसान ने भरी। अपनी गाड़ी मांगने पर आरोपी ने किसान के साथ मारपीट की। गाली गलौज और जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया। डिडौली पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
डिडौली कोतवाली क्षेत्र के नन्हेड़ा राजपूत में अनुसूचित जाति के रविकांत का परिवार रहता है। आरोप है कि रविकांत ने एक साल पहले डीसीएम फाइनेंस कराई थी। रविकांत पर ड्राइवर लाइसेंस व दस्तावेज की कमी के कारण उन्होंने अपनी डीसीएम को जोया के शहबाजपुर निवासी अपने दोस्त आसिफ उर्फ बाबू के नाम कर दिया। किसान फाइनेंस की किस्त भी ऑनलाइन मोहम्मद आसिफ के खाते में जमा करता रहा। इस डीसीएम को गजरौला के चौपला निवासी जुम्मा चलता था। लेकिन अब आसिफ गाड़ी को चलवाने में आनाकानी कर रहा है।
आसिफ ने गाड़ी को कहीं छिपा दिया। 26 अप्रैल की सुबह रविकांत अपने दोस्तों संजीव और मोनू को लेकर जोया पहुंचा और आसिफ से अपनी डीसीएम मांगी। आरोप है कि मोहम्मद आसिफ ने गाली गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। जाति सूचक शब्द कहकर अपमानित किया। शोर मचाने पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने बमुश्किल बचाया।
पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस से की तो कोई कार्रवाई नहीं हुई। लिहाजा उसने न्यायालय की शरण ली। सीओ सिटी विजय कुमार राणा ने बताया कि विशेष सत्र न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट के निर्देश पर आरोपी आसिफ उर्फ बाबू के खिलाफ अमानत में खयानत, मारपीट, गाली-गलौज और एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।