अमरोहा। ग्यारह साल की बालिका के दोषी को सजा दिलाने में पुलिस की ओर से अदालत में दाखिल किए गए 78 पेज के आरोप पत्र और बेटी के बयानों ने अहम भूमिका निभाई। बेटी ने अदालत में अजान का जिक्र करके घटना का समय बताया और फोटो से आरोपी को पहचाना। अदालत ने इस मामले में 23 पेज का आदेश जारी किया है।
अदालत ने 39 दिनों में करीब 46 घंटे सुनवाई की। सुनवाई के आखिरी दिन (8 अगस्त) को सिर्फ आधा घंटे में पीड़ित बेटी को इंसाफ और दुष्कर्मी को सजा के मुकाम तक पहुंचा दिया। विशेष लोक अभियोजक बसंत सिंह सैनी ने बताया कि दोषी मोहल्ले के नाते पीड़िता को जानता था और पीड़िता भी उसे जानती थी। उसने शर्मसार करते हुए समाज की दृष्टि से गंभीर अपराध किया था। इस मामले में 10 जून 2023 को दोषी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। केस दर्ज होने से लेकर सजा के एलान तक पुलिस और न्यायिक कार्रवाई केवल 59 दिन में पूरी हुई। मुकदमे के विवेचक इंस्पेक्टर अपराध जितेंद्र बालियान ने की और उन्होंने महज 4 दिनों के भीतर 78 पेज का आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था। इसके बाद 1 जुलाई से आठ अगस्त तक न्यायालय ने मुकदमे में करीब 45 घंटे सुनवाई की और बचाव तथा अभियोजन पक्षों को सुना गया। इसके बाद मंगलवार को न्यायालय ने सजा के प्रश्न पर सुनवाई करते हुए केवल 30 मिनट में दोषी दानिश को 25 साल की सजा सुनाई। साथ ही 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। पीड़ित पक्ष की ओर से पीड़िता, उसके पिता, मेडिकल करने वालीं डॉक्टर, उम्र की पुष्टि करने वाले डॉक्टर, रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर और विवेचक ने अपनी गवाही हुई। जिसमें खुद पीड़ित बालिका ने न्यायालय के सामने आपबीती बताई। विशेष लोक अभियोजक के मुताबिक न्यायधीश ने पीड़िता से घटना का समय पूछा तो उसने दोपहर में अजान की अवाज का जिक्र किया। जबकि विवेचक ने दोषी का फोटो दिखाया तो उसने तुरंत पहचान लिया।
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इन मामलों में बेटियों को मिला त्वरित इंसाफ
केस 01
बछरायूं थानाक्षेत्र में मासूम बच्ची से छेड़खानी के मामले में न्यायालय ने तेरह दिन के भीतर ही आरोपी को सजा सुनाकर पीड़िता को इंसाफ दिला दिया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट प्रथम की अदालत ने दोषी को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई साथ ही 23 हजार का जुर्माना लगाया। दोषी गिरफ्तारी के बाद से जेल में बंद है. उसे जमानत नहीं मिल सकी थी। ये फैसला 13 मई 2022 को आया था।
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केस 02
डिडौली कोतवाली क्षेत्र में नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के आरोपी को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष प्रथम की अदालत ने सुनवाई शुरू होने के छठवें दिन सजा सुनाकर त्वरित न्याय की अनूठी मिसाल पेश की है। अदालत ने दोषी पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 53 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया था। यह फैसला 28 जून 2022 को आया था।
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केस 03
मंडी धनौरा थानाक्षेत्र में अपहरण कर सात साल की मासूम से छेड़खानी के दोषी को न्यायालय ने 29 दिन के भीतर 20 जून 2022 को पांच साल की सजा सुनाई। साथ ही पंद्रह हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। गिरफ्तारी के बाद से दोषी जेल में बंद है। जुर्माने की आधी पीड़िता को सौंपने के निर्देश दिए थे।
केस 04
सैदनगली थानाक्षेत्र में ग्यारहवीं की छात्रा का अपहरण कर दुष्कर्म करने के दोषी को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट प्रथम डॉ. कपिल राघव की अदालत ने 19 दिन में 20 साल की सजा सुनाते हुए दोषी पर 40 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया था।
केस 05
मंडी धनौरा थानाक्षेत्र में पौने चार साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद और 80 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। इस मामले में कोर्ट ने अपना फैसला 53 वें दिन सुनाया था। ये फैसला 20 मई 2023 को आया था।
पुलिस और अभियोजन की सशक्त पैरवी सराहनीय: डीएम
मासूम से दुष्कर्म के दोषी को कम समय में सजा पुलिस और अभियोजन की सशक्त पैरवी सराहनीय है। ऐसा अभ्यास बना रहना चाहिए। दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलवाने और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के प्रयास हर स्तर से होने चाहिए। जिले में पिछले कई अन्य मामलों में बेटियों के साथ छेड़खानी और दुष्कर्म के दोषियों को बिना देरी सजा दिलाई गई है।- राजेश कुमार त्यागी, डीएम
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विवेचक का कार्य सराहनीय, की गई गुणवत्तापूर्ण विवेचना : एसपी
प्रकरण में फॉरेंसिक साक्ष्य संकलन की कार्रवाई करते हुए विवेचक ने गुणवत्तापूर्ण विवेचना संपादित की। उनका कार्य सराहनीय रहा है। उनके द्वारा केवल चार दिनों के भीतर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया। मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत थाना पुलिस और विशेष लोक अभियोजक के द्वारा प्रभावी पैरवी की गई। सभी गवाह और साक्ष्यों को समय से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जिसके आधार पर न्यायालय ने 39 दिन के भीतर आरोपी को दोषी पाते हुए 25 साल की सजा सुनाई है। पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाना सरकार और हमारी प्राथमिकताओं में शामिल हैं।- कुंवर अनुपम सिंह, एसपी अमरोहा
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बेटियों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए पूरा प्रयास रहता है। पिछले कुछ दिनों में छह से अधिक मामलों में बेटियों को त्वरित न्याय मिला है। ग्यारह साल की बेटी से दुष्कर्म बेहद जघन्य अपराध है। इसमें पुलिस और हमारी ओर से ठोस सबूत और साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। जिसके आधार पर न्यायालय ने दोषी को 25 साल की सजा हो सकी।
-बसंत सिंह सैनी, विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट
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घटना की जानकारी होने पर तुरंत घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। पीड़िता और उसके परिजनों के बयान दर्ज किए गए। प्रकरण के संबंध में साक्ष्य संकलन कर चार दिन के भीतर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। जबकि घटना के बाद 24 घंटे के भीतर आरोपी दोषी दानिश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। पीड़िता के बयान और मेडिकल रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य के आधार पर बेटी के साथ जघन्य अपराध किया गया था। ये ही वजह है कि मुकदमे में दुष्कर्म और कुकर्म की धाराएं लगाई गई थी। जिसके आधार पर न्यायालय ने पीड़िता को न्याय और दोषी को सजा सुनाई है।-जितेंद्र बालियान, विवेचक