क्षेत्र की तीन सहकारी समितियों पर सोमवार को डीएपी और दो पर एनपीके खाद पहुंची। जानकारी होते ही खाद लेने के लिए किसानों की भीड़ लग गई। उधर, क्षेत्र की बैरमपुर भूड़ समिति पर न तो एनपीके और न ही डीएपी उपलब्ध थी।
वर्तमान में गेहूं की बुवाई चल रही है, लेकिन पर्याप्त मात्रा में खाद न मिलने पर किसानों का परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उधर, सहकारी समितियों पर खाद न मिलने पर किसान निजी दुकानों से महंगी खाद लेने को मजबूर है। खाद लेने के लिए किसान समितियों के चक्कर काटकर थक चुके है। उधर, सोमवार को गजरौला में 250, अल्लीपुर भूड़ में 250 और तिगरी में 450 बोरी डीएपी खाद मुहैया कराई गई है। वहीं, ढकिया भूड़ में एनपीके की 500 और कर्मल्लीपुर में 500 बोरी आई हैं। हालांकि, बैरमपुर भूड़ पर खाद की एक भी बोरी नहीं पहुंची।
वहीं, सोमवार सुबह समितियों पर खाद मिलने की सूचना पर किसानों की भीड़ लग गई। लाइन में लगकर किसान अपनी बारी का इंतजार करने लगे। एडीओ (सहकारिता) संदीप कुमार ने बताया कि गेहूं की बुवाई शुरू होने पर जिलेभर में खाद की मांग बढ़ गई है। हालांकि, अब खाद की किल्लत नहीं रहेगी। जल्द ही और खाद आने वाली है।
भाकियू असली ने किया सांकेतिक प्रदर्शन
गजरौला। सहकारी समितियों पर खाद नहीं मिलने पर आक्रोशित भाकियू असली के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को सहकारी समितियों पर तालाबंदी की। वहीं, अल्लीपुर भूड़ में खाद पहुंच गई। हालांकि, तालाबंदी प्रस्तावित होने के कारण किसानों ने दस मिनट तक सांकेतिक रूप से तालाबंदी की। कुछ ही देर धरने पर बैठने के बाद किसान चले गए। इस दौरान वचन सिंह भी मौजूद रहे। संवाद