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डेंगू पीड़ित की मौत, ग्रामीणों का पीएचसी पर हंगामा

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सलेमपुर गोसाईं में पीएचसी के आगे लगी भीड़। - फोटो : GAJRAULA
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गजरौला (अमरोहा)। गांव सलेमपुर गोसांई के डेंगू पीड़ित किशोर की मौत हो गई। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक नहीं होने पर ग्रामीणों ने केंद्र में हंगामा किया। सूचना मिलने पर वहां पहुंचे गजरौला सीएचसी अधीक्षक डा. योगेंद्र सिंह से भी नोकझोंक हुई। इसके बाद वहां दस बेड मंगवाकर चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई। इसी बीच एसीएमओ डा. सुरेंद्र कुमार भी वहां पहुंच गए। उन्होंने आरोपी चिकित्सक की दुकान सील करनी चाही, लेकिन ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए फिर हंगामा कर दिया। इसके बाद एसीएमओ ने भी डा. योगेंद्र सिंह के साथ पीएचसी में बैठकर रोगियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
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शुक्रवार की सुबह गांव निवासी सलीम अहमद के 14 वर्षीय पुत्र अमन सैफी की डेंगू से मौत हो गई। उसका उपचार गांव में ही एक अपंजीकृत चिकित्सक के यहां चल रहा था। जानकारी होने पर ग्रामीण भड़क गए। हालांकि बाद में दोनों के बीच समझौता हो गया। वहीं गांव में वायरल और बुखार के साथ ही डेंगू की आशंका में सैकड़ों ग्रामीण दवा लेने गांव में स्थित पीएचसी पहुंचें। स्वास्थ्य सेवा सही नहीं होने पर ग्रामीणों की वहां आए जिला पंचायत सदस्य महेश प्रधान से भी काफी नोकझोंक हुई।
गांव में 25 रोगियों की स्लाइड तैयार कराई गई है। इनमें किसी में भी डेंगू अथवा मलेरिया के लक्षण नहीं पाए गए। किशोर की डेंगू से मौत की बात कही जा रही है, लेकिन लिखित में किसी ने भी शिकायत नहीं की। गांव में दस बेड डलवाकर दो चिकित्सकों की ड्यूटी लगा दी गई है। - डॉ. योगेंद्र सिंह, सीएचसी अधीक्षक गजरौला
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सलेमपुर गोसाईं में डेंगू पीड़ित किशोर की अपंजीकृत चिकित्सक के उपचार से मौत की सूचना मिलने पर गए थे। आरोपी की दुकान पर भी सील लगाने गए, लेकिन गांव के लोग ही विरोध को आ गए। इसलिए नहीं लगाई गई, लेकिन विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. सुरेंद्र कुमार, एसीएमओ
मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद आए हरकत में
गजरौला। गांव में रहने वाले चिकित्सक डा. अरविंद गोस्वामी ने बताया कि गांव में पांच सौ से अधिक बड़े और बच्चे बुखार, वायरल, मलेरिया और डेंगू आशंकित हैं। उन्होंने बताया कि गांव में 30 बीघा भूमि में पीएचसी बना है, लेकिन यहां माली और सफाई कर्मी दवा बांटते हैं। वहीं लाइन में दवा लेने के लिए खड़े प्रधान पति हरिओम सिंह, चंद्रपाल सिंह, सतवीर सिंह, महेंद्र सिंह, सविता गोस्वामी, रोहित, शालू, सोनम, चमेलिया आदि ने बताया कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करने के बाद ही स्वास्थ्य महकमा हरकत में आया है।
गांव की प्रधान भी है बुखार की चपेट में
गजरौला। गांव की प्रधान ममता के साथ ही उनके परिवार के चार अन्य सदस्य भी बुखार की चपेट में हैं। गांव निवासी डॉ. अरविंद गोस्वामी ने बताया कि गांव में हर घर में एक से लेकर तीन-चार तक सदस्य किसी न किसी रोग से पीड़ित हैं। गांव की स्वास्थ्य सेवाएं ठप हैं। चिकित्सक गांव में आना पसंद नहीं करते हैं। वहीं गांव के लोगों ने गांव में संक्रामक रोगों के लिए साफ-सफाई नहीं होने को भी जिम्मेदार ठहराते हुए इसके लिए प्रधान की लापरवाही पर नाराजगी जताई। इनका कहना था कि गांव की सफाई व्यवस्था ठप है। वहीं प्रधान पति का कहना था कि लोग उन्हें बदनाम करने के लिए जानबूझकर नालियों में कूड़ा डालते हैं।
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