अमरोहा। शहर में घरों के अंदर भैंस पालन के खिलाफ गुरुवार को अभियान चलाया गया। अवैध रूप से संचालित डेयरी में बंधे भैंसों को खोल दिया गया और पशुपालकों से शहर के बाहर ले जाने की हिदायत दी। बाद में भैंस पालकों की गुहार ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने एक सप्ताह की मोहलत देकर छोड़ दिया। साथ ही दोबारा घर के अंदर भैंस मिलने पर जब्त करने की चेतावनी दी।
जल जमाव के प्रमुख कारक शहर में अवैध तरीके से संचालित डेयरी है। शहर के कटरा गुलाम अली में एक गली के घरों में लगभग 40 से अधिक भैंस हैं। पशुओं के गोबर को नालियों में बहा देते हैं। इसके चलते नालियां चोक हो जाती हैं। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एसडीएम शशांक चौधरी गुरुवार को शाम मोहल्ला कटरा गुलाम अली पहुंचे। यहां पर एक गली के पशु मालिकों से भैंस को बाहर ले जाने को कहा। इस बीच एक व्यक्ति बहानेबाजी करने लगा। इससे उनके तेवर तल्ख हो गए। उन्होंने कड़े लहजे में समझाया। इसके बाद घरों से भैंस को खुलवा दिया। यहां से निकल कर वह छेवड़ा में पहुंचे। आस पास की गलियों के घरों में भैंसें बंधी मिलीं। उन्होंने सभी पशुओं को बाहर ले जाने को कहा। इस बीच भैंस मालिकों ने मोहलत मांगी। इसके बाद वह शिवद्वारा मोहल्ले में गए। यहां के कई घरों में भैंस बंधी मिलीं। सफाई कर्मियों ने भैंसों को खोला। कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार कृष्ण चौरसिया, कोतवाल रविंद्र सिंह, सफाई निरीक्षक मोहम्मद इल्तिजा और जगत सिंह आदि रहे।
भैंस पालकों को हिदायत दी गई है। एक सप्ताह में शहर से भैंस को बाहर करना होगा। छापेमारी में भैंस मिलने पर जब्त कर लिया जाएगा। - शशांक चौधरी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम