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Amroha News: सीओ ऑफिस के सामने डीसीएम में घुसी डग्गामार बस, 17 यात्री घायल

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गजरौला। दिल्ली-मुरादाबाद हाईवे पर मंगलवार की रात दो बजे सीओ ऑफिस के सामने डग्गामार बस आगे चल रही डीसीएम में जा घुसी। हादसे में बस में सवार 17 यात्री घायल हो गए। घायलों में 14 यात्री निजी अस्पताल में जबकि तीन को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दौरान जाम के हालात बन गए। पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लिया।
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मंगलवार की रात दो बजे डग्गामार बस हल्द्वानी से दिल्ली की तरफ जा रही थी। उसके आगे डीसीएम चल रही थी। डीसीएम बरेली से गुजरात जा रही थी। डीसीएम सीओ ऑफिस के सामने पहुंची थी। बताया जा रहा है कि डग्गामार बस के चालक तेजी और लापरवाही से बस चला रहा था। जिससे बस आगे चल रही डीसीएम में घुस गई। बस में सवार 17 यात्री घायल हो गए। बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घायलों की चीख पुकार मचने और राहगीरों की सूचना पाकर पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। बस में सवार घायलों को बाहर निकाला। एंबुलेंस बुलाकर 14 घायलों को निकट के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जबकि तीन घायल सीएचसी में भर्ती कराए गए।
हादसे के कारण हाईवे पर जाम के हालात बन गए। पुलिस ने क्रेन मंगाकर हादसा ग्रस्त वाहनों को हटवाया। पुलिस ने बताया कि रात दो बजे हादसे की जानकारी मिली है। घायलों को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया था। डीसीएम चालक द्वारा तहरीर मिल गई है। जिसकी तहरीर पर केस दर्ज किया जा रहा है।
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हादसे में यह लोग हुए घायल
गजरौला। डीसीएम में डग्गामार बस घुस जाने से बस में सवार राजाराम निवासी कौरारा बदायूं उसकी पत्नी जगवती, रजनी पत्नी धर्मेश निवासी करनपुर बदायूं, विकास निवासी कौरारा बदायूं, अमित, सुखवीर, ज्योति पत्नी हेम सिंह, अजय, सुनीता पत्नी कल्लू, आयुष, शिवानी पुत्री अतर सिंह, पप्पू व उसकी पत्नी चरणदेवी निवासी बिसैनपुर बरेली, बाबू अशरफ निवासी बहेड़ी बरेली व संभल के शाहपुर सिरपुड़ा निवासी गौहर अब्बास घायल हो गए।
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कार्रवाई तो हुई पर नहीं हुआ प्रभाव
जिले में डग्गामार बसों का संचालन बड़े स्तर पर हो रहा है। दो दिन पूर्व प्रभारी मंत्री संजय सिंह गंगवार के गजरौला चौपाल पर 150 सवारियों से भरी डग्गामार बस को पकड़ा था। ऐसी बसों के संचालन पर उन्होंने पुलिस और परिवहन विभाग की जमकर फटकार लगाई थी। जिसके बाद परिवहन विभाग ने हाईवे पर चेकिंग करते हुए 12 बसों को सीज कर दिया था। लेकिन, अभी भी विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है। वजह, डग्गामार बसें सवारियों को भरकर तेज गति से दौड़ती हैं और यात्रियों के लिए खतरा बनी रहती हैं।
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