एप्रोच रोड बने बगैर विभागीय कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव से लोकार्पण कराने की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद रविवार को लोक निर्माण विभाग के अफसरों में खलबली मच गई। इसके बाद सड़क बनाने के लिए बड़ी तादात में लेवर जुटाकर काम में तेजी ला दी गई है, लेकिन काम में मानकों को अनदेखी की जा रही है।
स्याना (बुलंदशहर) से अमरोहा जिले को जोड़ने के लिए तीन साल पहले गंगानदी पर पुल बन जाने के बाद भी आवागमन शुरू नहीं हो सका है। कई स्थानों पर हसनपुर-गंवा रोड से बुलंदशहर की दूरी 55 किलोमीटर और स्याना 23 किलोमीटर होने के साइन बोर्ड लगा दिए गए हैं। पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से सड़क बने बगैर ही 28 मार्च को लोकनिर्माण विभाग के कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव से लोकार्पण तक करा दिया गया था।
अमर उजाला टीम ने इस सड़क की सच्चाई 10 अप्रैल के अंक में प्रकाशित कर दी। इसके बाद अफसरों में खलबली मच गई। जिलाधिकारी वेद प्रकाश ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड अजय गोयल से पूछताछ की। लेकिन, अजय गोयल ने बताया कि सड़क निर्माण खंड से बन रही है। जिलाधिकारी ने इस मामले में जवाब-तलब करने के निर्देश दिए हैं। दूसरी ओर इस खबर के छपने के बाद मौके पर गांव महरपुर गुर्जर के पास बड़ी संख्या में लेवर जुटा दी गई है।
ठेकेदार पूरे दिन मौके पर डटे रहे, और काम को तेजी के साथ कराते रहे। जो सड़क कागजों में बनी बताकर लोकार्पण कराया गया उस पर रविवार को पत्थरों की पिचिंग चल रही थी। लोहे के एंगल लगाए जा रहे थे। लेकिन अब भी सड़क बनाने का काम कहीं होता नजर नहीं आया।