गजरौला(अमरोहा)। दुग्ध उत्पाद बनाने वाली उमंग डेयरी की ओर से आसपास के खेतों में प्रदूषित एवं दुर्गंधयुक्त सफेद पानी डलवाए जाने से किसानों की फसलें नष्ट हो रही हैं। किसानों ने इससे नाराज होकर प्रदर्शन किया। इस संबंध में जानकारी करने पर प्रबंधन ने पल्ला झाड़ लिया। क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी ने भी जानकारी नहीं होने की बात कही है।
हसनपुर रोड पर गांव भीकनपुर के निकट स्थित स्टेट हाईवे किनारे स्थित उमंग डेयरी की ओर से रात में चोरीछिपे आसपास के खेतों में टैंकरों एवं पाइप लाइन के जरिये दुर्गंधयुक्त सफेद पानी छोड़े जाने से गुस्साए किसानों ने प्रदर्शन कर आवाज बुलंद की। इनका कहा था कि फैक्ट्री के गंदे और बदबूदार पानी के कारण उनकी खेती और नर्सरी नष्ट हो रही है। किसानों की करीब दस बीघा जमीन इसकी चपेट में है। आलम यह है कि वहां खड़े हो पाना ही मुश्किल हो जाता है। कारण, सांस लेने में भी तकलीफ होती है। किसानों का कहना था कि उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने फैक्ट्री के पीछे वाली साइड में खेतों में सफेद परत का तालाब बनने पर भी गुस्से का इजहार किया। साथ ही प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन कर उन्हें मुआवजा दिलवाने और वहां पानी डलवाने पर रोक लगाए जाने की मांग की। इस मौके पर सोमपाल, रामपाल, सतीश, महेंद्र सिंह, तिलकराज सिंह, चंदर, ओमवती आदि मौजूद रहे। उधर, इस संबंध में जानकारी करने पर उमंग डेयरी में एचआर हेड बीसी शर्मा ने खुद के दिल्ली होने की बात कहकर कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी संजीव पॉल से बात करने को कहा। संजीव पॉल ने बताया कि वह कुछ कहने के लिए अधीकृत नहीं हैं। एचआर वाले ही कुछ बता सकते हैं। वहीं, कंपनी के वाइस प्रेसीडेंट संदीप भल्ला ने फोन रिसीव नहीं किया।
उमंग डेयरी द्वारा खेतों में प्रदूषित पानी छोड़े जाने की जानकारी नहीं है। मौके पर जाकर इसकी जांच करेंगे।
- जगदंबा प्रसाद मौर्य, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी
किससे करें शिकायत, भीतर जाने ही नहीं देते गार्ड
गजरौला। उमंग डेयरी के आसपास खेती करने वाले किसानों का दर्द उनसे बातचीत में साफ झलका। इनका कहना था कि आखिर शिकायत करें किससे? फैक्ट्री के गेट पर तैनात गार्ड तो भीतर जाने ही नहीं देते। इसके अलावा फैक्ट्री में लगे टैंकरों और पाइप लाइन से रात-बे-रात बदबूदार सफेद पानी छोड़ा जाता है।