बता दें कि चार अप्रैल की रात करीब नौ बजे भानपुर फाटक पर मंत्री के भतीजे इफ्तिखार अली की कार का टायर दिल्ली पुलिस के सिपाही गजेंद्र की कार से टकरा गया था। इसी बात को लेकर दोनों में हुई मारपीट में इफ्तिखार घायल हो गया था। पुलिस ने घायल की ओर से गजेंद्र और उसके बहनोई हरवीर समेत चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी।
इसी रात थाने में थाना धनौरा एसओ सतेंद्र कुमार समेत बाहरी लोगों ने सिपाही की हवालत से खींचकर पिटाई लगा दी थी। इससे गुस्साए जाट समाज के लोग आंदोलित हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने संगीन धाराओं को हटाने के लिए सीजेएम कोर्ट अमरोहा में प्रार्थना पत्र दिया था। विवेचक विजय यादव ने बताया कि कोर्ट ने सोमवार को प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए लूट और जानलेवा हमले की धाराओं को हटा कर गाली-गलौच और मारपीट की धाराओं में तब्दील करने के आदेश दिए हैं।