फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रिसत में युवक की मौत पर गरमाएगी प्रदेश की सियासत

विज्ञापन
विज्ञापन
हिरासत में युवक की मौत पर गरमाएगी प्रदेश की सियासत
विज्ञापन


अमरोहा। अनुसूचित जाति के युवक बालकृष्ण उर्फ बाली की हिरासत में मौत से सियासत गरमाने लगी है। बसपा प्रमुख मायावती की घटना पर बारीकी से नजर है। पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से पल पल की फीडबैक ले रही हैं। वहीं, सरकार रक्षात्मक मुद्रा में आ गई हैं। फिलहाल डैमेज कंट्रोल में जुटी है। जिले के एक विधायक को नाराजगी और गुस्सा खत्म कराने का जिम्मा मिला है। वह आलाकमान को पल पल की रिपोर्ट दे रहें हैं। ऐसे में सरकार विरोधियों को कोई मौका नहीं देना चाहती है। इसी कड़ी में इंस्पेक्टर, दरोगा समेत छह पुलिसवालों पर हत्या का केस दर्ज हुआ है। इसके साथ ही आठ पुलिस वाले निलंबित कर दिए गए हैं।
विज्ञापन

मंडी धनौरा के बसी मुस्तहकम निवासी बाल कृष्ण उर्फ बाली (30) को पुलिस ने वाहन चोरी के आरोप में पकड़ा था। हिरासत में बुधवार को उसकी मौत हो गई। परिवार और गांववालों के अनुसार, पुलिस की पिटाई से बालकृष्ण की मौत हुई है। इसके विरोध में इलाके के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। आक्रोशित लोगों ने एसडीएम और सीओ समेत कई गाड़ियों को तोड़ा। शेरपुर पुलिस चौकी में तोड़फोड़ की गई। इसके बाद सरकार हरकत में आई। विधायक राजीव तरारा को नाराजगी खत्म कराने का जिम्मा सौंपा। उन्होंने लोगों की नाराजगी से आलाकमान को अवगत कराया। मामला बड़े वोट बैंक यानी अनुसूचित जाति से है। इसके बाद पुलिस वालों पर हत्या का केस दर्ज कराने का निर्णय लिया गया। मालूम हो कि बालकृष्ण अनुुसूचित जाति से है, इस वोट बैंक की नाराजगी लोकसभा चुनाव में कहीं भारी न पड़ जाए। इसलिए सरकार ने आनन-फानन में कड़ा कदम उठाया है। हालांकि अब तक की घटनाओं में पुलिसवालों पर अमूमन केस जल्द दर्ज नहीं होता है, लेकिन सरकार ने अनुसूचित जाति के बालकृष्ण की मौत के बाद रक्षात्मक मुद्रा में है। दरअसल पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भीम आर्मी का प्रभाव बढ़ रहा है। शब्बीरपुर-सहारनपुर कांड जैसा माहौल न जाए। चुनाव का समय है। ऐसे में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। उनका आंदोलन कोई असर न दिखाए। ऐसे में सरकार ने थाना के प्रभारी निरीक्षक अरविंद मोहन शर्मा, दरोगा मनोज उपाध्याय, रविंद्र राणा, विनीत चौधरी, विवेक काकरान, जितेंद्र सिंह के खिलाफ केस दर्ज करा कर मुद्दे को शांत कराने की कोशिश की है। फिलहाल लोकसभा चुनाव के लिए राजनीतिक दल माहौल बनाने में जुटे हैं। जातीय और हर तरह के समीकरण को साधा जा रहा है, ताकि हर हाल में जीत सुनिश्चित हो सके। अब देखना है कि सरकार की कोशिश कितना कारगर होती है। उधर, जिले के प्रभारी मंत्री ओमप्रकाश राजभर भी पुलिस की कार्यशैली पर नाराज हैं। उन्होंने डीएम हेमंत कुमार और एसपी डॉ. विपिन ताडा से रिपोर्ट तलब की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें