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बचपन के दोस्त पर विस्फोटक पदार्थ खरीदने का बनाया था दबाव

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अमरोहा। एनआईए और एटीएस के हत्थे चढ़ा आईएसआईएस के नया मॉड्यूल का सरगना संदिग्ध आतंकी सुहैल हसनपुर के अपने बचपन के दोस्त को भी संगठन के जोड़ना चाहता था। दोस्त हसनपुर के एक मदरसे में पढ़ाता है। दोनों की दोस्ती मुरादाबाद के एक मदरसे में पढ़ाई के दौरान हुई थी। सुहैल ने उससे कई बार विस्फोटक समान खरीदवाने का दवाब बनाया था। सुहैल के अमरोहा आने के बाद दोनों कई बार दिल्ली गए थे। लेकिन सुहैल दोस्त को आतंकी संगठन से जोड़ने में नाकाम रहा और इससे पहले एनआईए ने मॉड्यूल का पर्दाफाश कर दिया।
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26 दिसंबर को राष्ट्रीय जांच एजेंसी और यूपी एटीएस की संयुक्त टीम ने दिल्ली और यूपी के 17 ठिगानों पर छापेमारी कर आईएस के नए मॉड्यूल का सरगना सहित 10 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया था। एनआईए ने अमरोहा के अलग-अलग पांच ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसमें मोहल्ला मुल्लाना से सरगना मुफ्ती सुहैल, मोहल्ला पचदरा निवासी इरशाद और सैदपुर इम्मा निवासी दो सगे भाई वेल्डर सईद और रईस को गिरफ्तार किया था। एनआईए ने इनके कब्जे से अवैध तमंचे, पिस्टल, टाइमर, बम, लैपटॉप, मोबाइल, देशी रॉकेट लांचर, आईएसआईएस के झंडे और विस्पोटक सामग्री बरामद होने का दावा किया था। इसके बाद स्थानीय आईबी, इंटेलिजेंस और एलआईयू की टीम सक्रिय हो गई। सूत्रों की माने तो संदिग्ध आतंकी सुहैल ने हसनपुर निवासी बचपन के दोस्त मदरसा शिक्षक को भी संगठन में शामिल करने की पुरजोर कोशिश की थी। दोनों ने मुरादाबाद के एक मदरसे में तालीम हासिल की थी। सुहैल अक्सर हसनपुर जाता रहता था। दोनों का कई बार दिल्ली आना-जाना भी हुआ। बताया यह भी जा रहा है कि सुहैल ने कई बाद दोस्त से विस्फोटक सामग्री खरीदवाने के लिए दबाव बनाया था। एनआईए कभी भी हसनपुर निवासी सुहैल के दोस्त को पूछताछ के लिए दिल्ली बुला सकती है।
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