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राजू की मौत की गुत्थी उलझी

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बछरायूं। थाना क्षेत्र के गांव विशावली निवासी राजू की मौत की गुत्थी बुरी तरह उलझ गई है। पुलिस उसकी मौत जंगली जानवर के निवाला बनाने से होना बता रही है जबकि वन विभाग का दावा है कि सेंचुरी क्षेत्र में एक भी हिंसक पशु नहीं है। वहीं दूसरी ओर पुलिस ने विशावली गांव से तीन लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की। परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
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विशावली गांव निवासी राजेंद्र सैनी का 13 साल का बेटा राजू बीती 24 फरवरी को खेलते हुए लापता हो गया था। परिजनों ने उसकी 26 तारीख को गुमशुदगी दर्ज करा दी थी। चार मार्च को राजू का शव कंकाल के रूप में गांव के बाहर जंगल में पड़ा मिला था। परिजनों ने कंकाल के पास पड़े मिले कपड़ों के आधार पर उसकी शिनाख्त की थी। पुलिस ने कंकाल का पोस्टमार्टम कराया। प्रभारी निरीक्षक मुकेश कुमार के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में राजू की मौत जंगली जानवर द्वारा अपना निवाला बनाने से होने की पुष्टि हुई है। वहीं परिजन राजू की हत्या की आशंका जता रहे हैं। इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी करन सिंह का कहना है कि वन विभाग के सेेंचुरी क्षेत्र में हिंसक पशु नहीं हैं। वह मानने को तैयार नहीं है कि राजू को किसी हिंसक पशु ने अपना निवाला बनाया है। रेंजर का कहना है कि यदि किसी पशु ने अपना निवाला बनाया होता तो उसके कपड़ों पर भी खून के दाग होते।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है
बछरायूं। राजू की मौत से परिजन बेहद गमगीन हैं। उनको यकीन ही नहीं आ रहा है उनका पुत्र अब इस दुनिया में नहीं रहा। पिता राजेंद्र सैनी का कहना है कि बेशक राजू जिंदा नहीं मिलता लेकिन उसका शव तो मिलना चाहिए था। वह अभी भी इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि उनके बेटे को किसी जंगली जानवर ने अपना निवाला बनाया है।
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क्या कोई नरभक्षी पशु क्षेत्र में मौजूद है
मंडी धनौरा। राजू की मौत के बारे में यदि पोस्टमार्टम रिपोर्ट सही है तो इसका अर्थ है कि क्षेत्र में कोई नरभक्षी पशु मौजूद है। लगभग 10 महीने पहले क्षेत्र के गांव शेरपुर के जंगल में तेंदुए का एक शावक कांटों में फंस गया था। ग्रामीणों को जब शावक के कांटों में फंसने की जानकारी हुई तो वे बुरी तरह घबरा गए थे। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने शावक को कांटों से बाहर निकाल कर जंगल में छोड़ दिया था। हालांकि जब से ग्रामीणों ने कभी भी तेंदुआ आदि को नहीं देखा लेकिन राजू की मौत ने कई सवाल अधूरे छोड़ दिए हैं।
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