गजरौला। कर्मचारियों द्वारा उपभोक्ताओं के मीटर बदलने के मामले में विद्युत निगम को लाखों की चपत लगी है। इस गोलमाल का खुलासा उपभोक्ता की शिकायत पर हुआ। बकाया बिल का समाधान करने के नाम पर आरोपियों ने उपभोक्ताओं से पैसे लेकर मीटर बदल दिए। निगम को कितना नुकसान हुआ, इसका आकलन पुराने मीटर बरामद होने पर ही लग पाएगा। पुलिस व अधिकारी पुराने मीटरों की बरामदगी के प्रयास में जुटे हैं।
विद्युत कर्मियों ने बिना लैब नंबर और उपभोक्ता बिल नंबर के ही मीटर बदल दिए थे। पुराने मीटर बदलते ही उपभोक्ताओं के मीटर की रीडिंग गायब हो गई। उपभोक्ताओं के घर नए मीटर लगे। नई रीडिंग के साथ उपभोक्ताओं ने बिल जमा करना चाहा, तो बिल नहीं मिल पाया। उपभोक्ताओं ने शिकायत की कि मीटर से उनका बिल नहीं मिल पा रहा है। मामले की जांच कराई तो उपभोक्ताओं के घर बिना लैब नंबर के मीटर लगे मिले। अब तक करीब ढाई दर्जन उपभोक्ताओं के घर ऐसे मीटर लगे मिले हैं। उनके घर से गायब पुराने मीटरों की रीडिंग कितनी थी, इसका किसी को कोई पता नहीं है। जांच टीम को अभी पुराने मीटर बरामद नहीं हुए है। पुरानी मीटरों की रीडिंग पर कितना बिल बकाया था, इसकी जानकारी मीटर मिलने के बाद ही लग पाएगी। विद्युत अधिकारी व पुलिस दोनों मीटरों को बरामद करने के प्रयास में जुटे हैं।