अमरोहा। संदिग्ध आतंकी मौलाना गुफरान को लेकर सैदपुर इम्मा पहुंची एनआईए ने आसिफ और शहजाद के बारे में पूछताछ की थी। बीस मिनट तक संदिग्ध आतंकी गुफरान और शहजाद का आमना-सामना कराया। आसिफ और शहजाद के नाम सामने आने के बाद जिले का खुफिया तंत्र सक्रिय हो गया है। एलआईयू, इंटेलिजेंस और आईबी के अधिकारियों ने दोनों को अपने ऑफिस में तलब किया। खुफिया विभाग की तीनों टीमों ने आसिफ और शहजाद से पूछताछ की है।
दरअसल 26 दिसंबर 2018 को एनआईए-एटीएस ने संयुक्त रूप से दिल्ली और यूपी के 17 ठिकानों पर छापा माकर आईएसआईएस के नए मॉड्यूल हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लाम का पर्दाफाश किया था। एनआईए और एटीएस ने अमरोहा से नए मॉड्यूल का सरगना मुफ्ती सुहैल समेत मोहल्ला पचदरा निवासी इरशाद और सैदपुर इम्मा निवासी दो सगे भाई वेल्डर सईद और रईस को गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद हुई थी। एनआईए ने चोरों संदिग्धों को तिहाड़ जेल भेज दिया था। जबकि मॉड्यूल सरगना मुफ्ती सुहैल के करीबी नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के गांव बांसखेड़ी निवासी मौलाना गुफरान पर एनआईए की नजर थी। लगातार पूछताछ के बाद शनिवार को एनआईए ने गुफरान को भी गिरफ्तार कर लिया। एनआईए ने गुफरान को 13वां आरोपी बनाया है।
रविवार को पटियाला हाउस न्यायालय में पेश कर चार दिन का रिमांड लिया था। बुधवार की शाम गुफरान को लेकर एनआईए की टीम गांव सैदपुर इम्मा पहुंची। जहां गांव के आसिफ और शहजाद के बारे में जानकारी की। एनआईए ने सैदपुर इम्मा के कई घर, मस्जिद और कोल्हू पर छापेमारी की। इसके बाद टीम ने प्रधान पति अली हसन की मदद से शहजाद को बुलवाया और एक बंद कमरे में गुफरान और शहजाद का आमना सामना कराया। इसके बाद दोनों से पूछताछ की गई। हालांकि बीस मिनट तक चली इस पूछताछ में एनआईए को शहजाद से कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका। लिहाजा एनआईए ने शहजाद को छोड़ दिया और संदिग्ध आतंकी गुफरान को अपने साथ ले गई। वहीं आसिफ और शहजाद के नाम उजागर होने के बाद स्थानीय खुफिया तंत्र अलर्ट हो गया है। सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को आसिफ और शहजाद से एलआईयू, इंटेलिजेंस और आईबी के अधिकारियों ने भी पूछताछ की है।