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गजरौला में ट्रक से टकराई निजी बस, तीस यात्री घायल

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गजरौला (अमरोहा)। रोहतक में संत रामपाल महाराज के सत्संग में शामिल होकर लौट रही लखीमपुर खीरी जनपद के श्रद्धालुओं की निजी बस हाइवे पर आगे चल रहे ट्रक से जा टकराई। हादसे में बस में सवार 54 यात्रियों में से तीस घायल हो गए। कई महिलाओं, बच्चों को मामूली चोट भी आई। एक दर्जन से अधिक घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर फरार हो गया। वहीं पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को क्रेन से हटवाकर थाने पहुंचा दिया।
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मंगलवार की सुबह लगभग पौने पांच बजे यह हादसा दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाइवे पर मुरादाबाद की दिशा में थाना क्षेत्र में मेक-डी के सामने हुआ। दिल्ली की दिशा से आ रही निजी बस आगे चल रहे ट्रक में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का चालक की साइड वाला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद बस में सवार यात्रियों, महिलाओं एवं बच्चों में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने बस में ड्राइविंग सीट पर फंसे चालक और अन्य सवारियों को बाहर निकाला। सूचना मिलने पर पुलिस और एंबुलेंस भी पहुंच गई। इनमें एक दर्जन घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। यहां केंद्र अधीक्षक डा. योगेंद्र सिंह ने अपनी टीम के संग उनकी मरहम पट्टी की। सीएचसी में बस चालक प्यारे निवासी थाना मेवागंज, परिचालक अमर के साथ ही शिवचंद्र निवासी गांव पसियापुर पोस्ट भीरा पलियाकलां, रामबड़ई निवासी निघासन, बिंद्रादास निवासी गांव लोखनिया, धौरारा, रीना पत्नी ओमकार, गोपी (12) निवासी गांव प्रतापगढ़ टांडा, अंशु, हरजेंद्र सिंह निवासी गांव दलराजपुर थाना सिंघाई निवासीगण लखीमपुर खीरी का उपचार किया गया। बाद में सभी घायलों को छुट्टी दे दी गई। थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार ने बताया कि अभी तक किसी की ओर से तहरीर नहीं मिली है।
हादसे के वक्त यात्री गहरी नींद में थे। जोरदार टक्कर की आवाज से सभी की आंख खुली तो खलबली मच गई। हाईवे पर काफी देर के लिए यातायात थम गया। बाद में यातायात सुचारु हो सका।
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यदि चालक सो जाता तो नहीं होता हादसा
गजरौला। निजी बस में सवार यात्रियों का कहना था कि हादसे की वजह चालक को बार-बार नींद की झपकी आना ही रहा। इनका कहना था कि उन्होंने रास्ते में कई बार चालक से कहा भी कि वह बस किसी होटल या ढाबे पर रोककर कुछ देर के लिए आराम कर ले लेकिन जल्दी पहुंचने की होड़ में वह नहीं माना और हादसा हो गया।

कुल पांच बसों में सवार से ढाई सौ से अधिक लोग
गजरौला। बताते हैं कि लखीमपुर खीरी जनपद से एक साथ पांच निजी लग्जरी बसों में सवार होकर श्रद्धालुओं का जत्था रोहतक गया था। बसों में करीब ढाई सौ से अधिक यात्री सवार थे। सभी सोमवार की रात रोहतक से घर के लिए चले थे। हादसे के बाद यात्री सहमे हुए थे। परिजनों के संग बैठी वंदना अपनी दो माह की मासूम पुत्री को आंचल में छुपाए रहीं। बच्चे भी डरे हुए थे।
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