गजरौला थानाध्यक्ष पर गिरी गाज, लाइन हाजिर
- भाजपा नेता कार्यालय पर हंगामा करने वाले उपद्रवियों की गिरफ्तारी में ढिलाई बरतने पर हुई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला। भाजपा नेता कार्यालय पर तोड़फोड़ और फायरिंग मामले में उपद्रवियों की गिरफ्तारी में लापरवाही बरतना गजरौला थानाध्यक्ष अरविंद मोहन शर्मा के लिए गले की फांस बन गई। आखिरकार उन पर गाज गिर गई। पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया। उनके स्थान पर डिडौली कोतवाली से इंस्पेक्टर हरपाल सिंह को गजरौला थानाध्यक्ष बनाया गया है।
चुनाव आचार संहिता हटते ही जिले के कई थानों के थानाध्यक्षों की अदला बदली की चर्चा जोरों पर चली थी। इनमें गजरौला का नाम शीर्ष पर था। लेकिन, पुलिस अधीक्षक ने अरविंद मोहन शर्मा पर भरोसा जताया और आगे भी थानेदारी करने का मौका दिया। इसके बाद वसेली के मासूम छात्र के हत्याकांड में थानाध्यक्ष की लापरवाही जगजाहिर होने पर उन्हें हटाने पर विचार किया, लेकिन तब भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद शहवाजपुर डोर में हाईवे किनारे हुई चार लाख की डकैती और पूर्व दूतावास कर्मी के हत्यारोपी विक्रांत हत्याकांड के मामले में भी आरोपियों को गिरफ्तारी नहीं होने से थानाध्यक्ष पर कार्रवाई की तलवार लटक रही थी। इसके बाद गुरुवार देर शाम चौपला पुलिस चौकी के पास भाजपा नेता हरवीर सिंद्घू के कार्यालय पर हुई अराजकता के नामजद उपद्रवियों की गिरफ्तारी में ढिलाई बरतना अरविंद के गले की फांस बन गया। पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह ने अरविंद मोहन शर्मा को लाइन हाजिर कर दिया और डिडौली इंस्पेक्टर हरपाल सिंह को गजरौला थाने की कमान सौंपी है। अब देखना होगा कि क्या हरपाल सिंह गजरौला क्षेत्र में बढ़ रहे अपराध के ग्राफ को कम करने में कामयाब हो पाएंगे।