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पति-बेटे की रिहाई को विधायक के सामने रो पड़ी किशोरी की मां

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हसनपुर(अमरोहा)। आदमपुर थाना क्षेत्र में गायब हुई किशोरी ऑनरकिलिंग दर्शा कर पिता-पुत्र को जेल और एक रिश्तेदार को पुलिस ने जेल भेज दिया था। उसी किशोरी की मां रिश्तेदारों के साथ मंगलवार को हसनपुर स्थित विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी के आवास पर पहुंची और विधायक से जेल में बंद पति और बेटे को शीघ्र रिहा कराने की गुहार लगाई। पीड़िता फूट-फूटकर विधायक के सामने रोई। मामले में विधायक ने पुलिस अधीक्षक से फोन पर वार्ता की। साथ ही उन्होंने पिता-पुत्र को शीघ्र रिहा कराने का आश्वासन भी दिया।
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आदमपुर थाना के तत्कालीन इंस्पेक्टर अशोक कुमार शर्मा ने लापता पंद्रह वर्षीय किशोरी की हत्या के झूठे आरोप में 28 दिसंबर 2019 को किशोरी के पिता, भाई और एक रिश्तेदार को जेल भेजा था। इसमें पुलिस ने किसान की बेटी के गलत संगत में पड़ने से गांव में बेइज्जती होने का दावा किया था। इतना ही नहीं शव बरामद किए बिना ही यातनाएं देकर पिता-भाई और एक रिश्तेदार टेलर को किशोरी की हत्या का मुजरिम बना दिया था। मृत दर्शाई गई किशोरी को दो गोली मारने की बात की गई थी। लेकिन किशोरी के जीवित मिलने पर षड्यंत्रकारी पुलिस का कारनामा सामने आ गया। जबकि अभी भी पिता-भाई और रिश्तेदार जेल में बंद है। षड्यंत्रकारी आदमपुर पुलिस की झूठी कहानी में निर्दोष भाई-पिता और रिश्तेदार अपराधी बन गए। मंगलवार को किशोरी की मां रिश्तेदारों व परिवार के लोगों के साथ विधायक महेंद्र सिंह खडगवंशी से मिली। गुहार लगाई की बेकसूर पति पुत्र व रिश्तेदार को रिहा कराया जाए। इसमें अब कतई देरी ना की जाए।
मां का आरोप, पुलिस ने दी थीं यातनाएं
हसनपुर। मंगलवार को विधायक के समक्ष रोते हुए किशोरी की मां ने कहा कि पुलिस ने मुझे और बेटे की बहू को भी कड़ी यातनाएं दीं थी। कई बार पुलिस घर पहुंची थी। बहू व मेरी कमर में डंडा मारा था। लात मारी थी। बहू आटा गूथ रही थी, तो दरोगा ने परात को में लात मार दी थी। गाली गलौज करते हुए बेटी की हत्या का जुर्म कबूल करने का दबाव बनाया था। ऐसी कई रातें गुजरी जिनमें घर में खाना भी नहीं बना था। किशोरी की मां ने विधायक से बताया कि पुलिस कई दिन तक पिता पुत्र को बुरी तरह मारती पीटती रही। जब बात नहीं बनी तो पति को करंट भी लगाया। जिस दिन पुलिस ने उन्हें जेल भेजा, तो मैंने पति से पूछा कि आपने क्यों जुर्म कबूल किया तो फूट फूटकर रोने लगे। बताया कि पुलिस ने मुझे करंट लगाकर मारने की कोशिश की। पुलिस के हाथों मरने से अच्छा है कि जो वह कहती है चुपचाप कर दो। उनका आरोप है कि पुलिस ने उन्हें भी आरोपी बनाया था।
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