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दिवाली के पटाखे से कई गुना बढ़ेगा शोर, जहरीली होगी हवा

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अमरोहा। दिवाली की तैयारी चल रही है। इस बार डेढ़ करोड़ के पटाखे फोड़ने की तैयारी है। लेकिन, क्या आप जानते है आतिशबाजी से निकलने वाले धुएं के ये पांच बड़े नुकसान होते हैं।
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आतिशबाजी के शौकीन इस बार डेढ़ लाख रुपये के पटाखे फोड़ने का प्लान बना रहे हैं। लेकिन बहुत कम लोगों को पता होगा कि पटाखे के फूटने के साथ कई सारे केमिकल भी निकलते हैं। जैसे कि कॉपर, जिंक, लेड और मैग्नीशियम, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक होते हैं। इसके अलावा पटाखों के फोड़ने से जलने और चोट लगने का भी खतरा रहता है। आतिशबाजी से उठने वाला धुआं भी आंखों और सांस की बीमारियों को भी बढ़ावा देता है। यह आलम हर साल दिवाली पर होता है। फिछले साल दिवाली के तुरंत बाद फिजा में जहरीला धुआं फैल गया था। करीब 15 दिन तक आंखों में जलन होना नहीं रुकता। वायु प्रदूषण के साथ ध्वनि प्रदूषण से लोगों का जीवन मुश्किल होगा। दरअसल पटाखों के शोर से ध्वनि प्रदूषण कई गुना तक बढ़ जाएगा। ऐसे में घर से बाहर निकलने में एहतियात बरतना जरूरी है।
दीयों का त्योहार दिवाली 14 नवंबर को मनाई जाएगी। इसके लिए घरों और बाजार में तैयारी शुरू हो गई है। दिवाली की पूर्व संध्या से आतिशबाजी शुरू होती है। शहर के कटरा गुलाम अली, छंगा दरवाजा, आवास विकास कॉलोनी, मोती नगर, सुबोध नगर आदि मोहल्लों में आतिशबाजी की जाती है। आतिशबाजी का सिलसिला छठ पूजा तक चलता है। लगातार आतिशबाजी से जिले का वातावरण दूषित होगा। पिछले वर्ष भी शहर की हवा नुकसानदेह हुई थी। धूल के कणों के साथ आसमान में धुंध छा जाएगी। प्रदूषण का स्तर कई दिनों तक लगातार बना रहेगा। दरअसल इन दिनों हवा की गति धीमी रहती है। पटाखों के शोर से ध्वनि प्रदूषण सामान्य से कई गुना तक बढ़ जाता है।
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सांस और दिल की बीमारी में खतरा
डॉक्टरों के मुताबिक, हवा में खतरनाक प्रदूषण फेफड़े और दिल की बीमारी से प्रभावित लोगों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। लंबे समय तक ऐसे हालात में रहने पर सांस की बीमारी से संक्रमित हो सकते है।
कौन से केमिकल निकलते हैं और उनसे क्या खतरे
केमिकल-----स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव
कॉपर--------सांस लेने में दिक्कत
केडियम------एनिमया और किडनी फेल
लेड----------नर्वस सिस्टम पर असर
पटाखा छुड़ाने से धुआं फैल जाता है। सांस की बीमारी के दिक्कत का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में कम से कम बाहर निकलें। जरुरत हो तो मास्क लगा कर निकलें या मुंह पर कपड़ा जरुर बांध लें। आतिशबाजी को छुड़ाते समय एहतियात बरतें। घरों में रहें। आतिशबाजी के दौरान कत्तई बाहर नहीं निकलें। डॉ. उमर फारुक, अधीक्षक, सीएचसी
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