इस दौरान एकत्र हुए ग्रामीणों की भीड़ ने आरोपी को मौके पर पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया था। इस मामले में पीड़ित किसान की तहरीर पर आरोपी नवाब निवासी शाहबाजपुर थाना मंडावर जनपद बिजनौर के खिलाफ अपहरण, छेड़खानी और पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मुकदमें के विवेचक गजेंद्र पाल शर्मा ने 21 मई 2022 को मामले की विवेचना पूरी कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। 23 मई 2022 को आरोप बनने के बाद गवाही शुरू हो गई।
इस बीच हुई सुनवाई के दौरान छह गवाहों ने गवाही दी। मामला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट प्रथम अवधेश कुमार सिंह की अदालत में विचाराधीन था। सोमवार को न्यायालय ने मामले में आखिरी सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट बसंत सिंह सैनी ने पैरवी की। साक्ष्यों और सबूतों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी नवाब को दोषी करार दिया और पांच साल की सजा सुनाई। साथ ही 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अभियोजन अधिकारी के मुताबिक न्यायालय ने जुर्माने की आधी राशि पीड़िता को देने के निर्देश दिए हैं।